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किसानों की समृद्धि और खुशहाली के लिए राज्य सरकार के निरंतर प्रयास जारी: कृषि मंत्री कंषाना

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किसानों की समृद्धि और खुशहाली के लिए राज्य सरकार के निरंतर प्रयास जारी: कृषि मंत्री कंषाना


भोपाल, 05 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की समृद्धि और खुशहाली के लिये राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में किसानों का हित सर्वोपरि है जिसे ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनका उत्थान किया जा रहा है।

कृषि मंत्री कंषाना ने रविवार को एक बयान में कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बहुल्य क्षेत्रों में पारंपरिक कोदो-कुटकी का संवर्धन और उत्पादन बढ़ाने के लिये किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की तीन फसलों सिताही, कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगनी अरहर को जीआई टैग दिलाने के लिये प्रस्ताव चैन्नई भेजे गए हैं। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को साल में 12 हजार रुपये सम्मान निधि प्रदान की जाती है। इसमें 6 हजार रूपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और 6 हजार रुपये मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 84 लाख से अधिक किसानों को 3350 करोड़ की राशि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदान की गई है।

मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिये संकल्पित है। प्रदेश में 2585 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं 40 रुपये बोनस सहित 2615 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ की खरीदी की जायेगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से खरीदी प्रारंभ होगी। किसानों की आय सुरक्षा के लिये सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को केन्द्र से स्वीकृति मिलने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। तुअर उत्पादक किसानों के लिये शत प्रतिशत सरकारी उपार्जन सुनिश्चित किया जायेगा। पीएम किसान पोर्टल पर किसानों के लिये सभी सेवायें उपलब्ध हैं। ई-मित्र चैटबॉट से 24 घंटे सहायता प्रदान की जा रही है। किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर