मप्र में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में किया जा रहा है बेहतरीन कार्य : मंत्री राकेश शुक्ला
- भोपाल में हुई क्लाइमेट पार्लियामेंट (नेटवर्क मध्य प्रदेश) की गोलमेज बैठक
भोपाल, 27 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है।
मंत्री शुक्ला शुक्रवार देर शाम भोपाल में क्लाइमेट पार्लियामेंट (नेटवर्क मध्यप्रदेश) की राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के अधिकाधिक उत्पादन के लिये निरंतर कार्य किया जा रहा है। मंत्री शुक्ला ने कहा कि क्लाइमेट पार्लियामेंट द्वारा प्रत्येक विधानसभा स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये की जा रही पहल के नि:संदेह सकारात्मक परिणाम आएंगे।
विधायक एवं संयोजक क्लाइमेट पार्लियामेंट (नेटवर्क मध्य प्रदेश) ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य एवं देश के जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और स्थानीय स्तर पर स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सामुदायिक ग्रीन एनर्जी जोन की अवधारणा विकसित की गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समुदाय-आधारित, विकेन्द्रीकृत एवं सतत ऊर्जा समाधानों को लागू करना है, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ, रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और हरित, आत्मनिर्भर एवं जलवायु-उत्तरदायी क्षेत्रों का विकास हो।
अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिेय प्रदेश में किये जा रहे प्रयासों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में निरंतर आगे बढ़कर उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जो कि देश में अग्रणी हैं। एमडी ऊर्जा विकास निगम श्री अमनवीर सिंह बेंस ने प्रदेश में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिये किसानों और आम उपभोक्ताओं के उपयोग के लिये संचालित की जाने वाली विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीवा, मुरैना, नीमच, ओंकारेश्वर जैसे स्थानों पर विश्व स्तरीय परियोजनाएं स्थापित की गई है।
क्लाइमेट पार्लियामेंट में विधायक गौरव सिंह पारधी, योगेश पंडाग्रे, नीरज ठाकुर, चंद्रशेखर देशमुख, दिनेश जैन बोस, डॉ. हीरालाल अलावा, कामाख्या प्रताप सिंह और गंगा सज्जन सिंह उइके ने सहभागिता की। इसमें विशेषज्ञों ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

