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मप्र के विद्यालयों में 28 अक्टूबर को ई-कचरा प्रबंधन दिवस का आयोजन

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मप्र के विद्यालयों में 28 अक्टूबर को ई-कचरा प्रबंधन दिवस का आयोजन


- विद्यालयों में ई-कचरा संग्रहण कॉर्नर्स की स्थापना और जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

भोपाल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) के निर्देशानुसार सभी जिलों के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विशेष अभियान (ई-कचरा प्रबंधन) का आयोजन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान के अंतर्गत 28 अक्टूबर को प्रदेश के सभी विद्यालयों में विशेष ई-कचरा प्रबंधन दिवस मनाया जाएगा।

जनसम्पर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ एवं ‘मिशन लाइफ’ के उद्देश्यों के अनुरूप संचालित इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरे के सुरक्षित संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विद्यालयों में ई-कचरा संग्रहण कॉर्नर स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों और समुदाय की सहभागिता से जागरूकता कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रहीं हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों एवं जिला परियोजना समन्वयकों द्वारा अभियान की जिलावार समीक्षा और निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।

अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का होगा सुरक्षित निस्तारण

अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में अनुपयोगी एवं खराब इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों को एकत्रित कर उनका पृथक्करण किया जाएगा। इसमें कंप्यूटर, लैपटॉप, की-बोर्ड, मोबाइल, चार्जर, केबल, सीडी-डीवीडी, पेन ड्राइव, प्रिंटर, कार्ट्रिज, पुरानी बैटरियां और बल्ब जैसी सामग्री शामिल है।

ई-कचरे को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एकत्रित कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) अथवा संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) के नियमानुसार पंजीकृत एवं अधिकृत रिसाइक्लर या रिफर्बिशर के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

इस पहल से विद्यालयों में स्वच्छता की संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही सुरक्षित ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही इसमें मौजूद हानिकारक पदार्थों से होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी।

प्रार्थना सभा से रचनात्मक प्रतियोगिताओं तक होंगी गतिविधियां

- 28 अक्टूबर को विद्यालयों की प्रार्थना सभा के दौरान ई-कचरा प्रबंधन पर परिचर्चा, जागरूकता संवाद और प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएगी।

- शिक्षक, पालक एवं विद्यार्थी अपने घरों तथा विद्यालयों से अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री लाकर ई-कचरा संग्रहण कॉर्नर में जमा कर सकेंगे।

- विद्यार्थियों को विषय की उपयोगिता समझाने के लिए पोस्टर निर्माण, नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

- अभियान के तहत गतिविधियों की प्रगति और विद्यालयों की सहभागिता के अभिलेखीकरण की दृष्टि से प्रत्येक विद्यालय के द्वारा स्कूल में आयोजित गतिविधियों, सहभागियों की संख्या तथा दो से तीन जियोटैग्ड फोटो की ऑनलाइन रिपोर्टिंग भारत सरकार के इको क्लब पोर्टल https://ecoclubs.education.gov.in/ पर अपलोड की जाएगी।

31 अक्टूबर तक तैयार होगी जिलों की समेकित रिपोर्ट

अभियान की कार्ययोजना के अनुसार 21 से 27 अक्टूबर तक पूर्व तैयारी, जन-जागरूकता, प्रचार-प्रसार और अधिकृत रिसाइक्लरों से समन्वय की गतिविधियां आयोजित होंगी।

- 28 अक्टूबर को प्रदेश भर के विद्यालयों में विशेष गतिविधि दिवस का आयोजन होगा। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समितियों के सदस्य गण, स्थानीय प्रबुध्द जन और अभिभावकों की भी सहभागिता रहेगी।

- यह अभियान विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के साथ विद्यालयों और समुदाय को सुरक्षित ई-कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर