जनगणना कार्य को पूरी मुस्तैदी और गंभीरता से करें: कलेक्टर
ग्वालियर, 01 अप्रैल (हि.स.)। हम सबके लिये गर्व की बात है कि हमें विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य जनगणना करने का सुअवसर मिला है। जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। इसलिये पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें।
यह बात मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण सत्र के उद्घाटन अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों से कही। इस प्रशिक्षण में 82 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य के लिये संलग्न किए गए प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र के दौरान नगर निगम आयुक्त एवं ग्वालियर शहर के प्रमुख जनगणना अधिकारी संघ प्रिय, जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया व अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार, जनगणना कार्यालय भोपाल से आए राकेश मीणा एवं मुख्य प्रशिक्षक एस बी ओझा उपस्थित थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने फील्ड ट्रेनर्स से कहा कि प्रगणकों व सुपरवाइजर की हर शंका का समाधान करें, जिससे वे आम जनता की भ्रांतियों को दूर कर सकें। खासतौर पर आम जनता को यह समझाने की जरूरत है कि जनगणना के दौरान आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। इसलिये जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं।
पहली बार हो रही है डिजिटल जनगणना, स्वगणना का अवसर भी
देश में पहली बार डिजिटल रूप से जनगणना होने जा रही है। साथ ही देश में पहली बार स्व-गणना का अवसर भी लोगों को दिया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एसई वेब पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का कार्य करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा स्वत: ही मोबाइल एप पर 34 बिंदुओं में भरी गई जानकारी की जांच कर सत्यापन भी करेंगे।
जनगणना पूरी तरह संवैधानिक, जानकारी देना अनिवार्य
प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य मध्य प्रदेश में 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। इस चरण का उद्देश्य द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिये मास्टर फ्रेम तैयार करना है। जनगणना के द्वितीय चरण का काम फरवरी 2027 में होगा। जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। भारतीय संविधान में 32 बार जनगणना का उल्लेख आया है। सभी को जनगणना से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य है। संविधान के अनुच्छेद-246, जनगणना अधिनियम 1948 व जनगणना नियम 1990 के तहत जनगणना का कार्य किया जा रहा है।
जिले में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी करेंगे जनगणना
ग्वालियर जिले में कलेक्टर रुचिका चौहान के नेतृत्व में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्य को अंजाम देंगे। इनमें लगभग 5 हजार प्रगणक व 829 पर्यवेक्षक, 41 चार्ज अधिकारी, 42 फील्ड ट्रेनर्स, 4 मास्टर ट्रेनर्स व 9 जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व निभायेंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ यह जिम्मेदारी निभायेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना और स्वत: ही मोबाइल एप पर 34 बिंदुओं में भरी गई जानकारी की जांच कर सत्यापन भी करेंगे। ज्ञात हो जनगणना – 2027 के लिये ग्वालियर जिले में जिन्हें प्रशासनिक इकाई माना गया है, उनमें 10 तहसील, 10 नगर व 589 गाँव शामिल हैं।
प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण और डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी
मास्टर ट्रेनर एसबी ओझा ने प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी कि प्रगणक घर-घर जाकर “Census 2027-HLO” मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुन: सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। उन्होंने ग्राम व नगर रजिस्टर का प्रारूप व विषय वस्तु, ग्रामीण व नगरीय चार्ज रजिस्टर, प्रगणक, पर्यवेक्षकों व चार्ज अधिकारियों के कार्य, पर्यवेक्षण व कानूनी शक्तियां इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी।
प्रथम चरण में इन 34 बिंदुओं की जानकारी होगी संकलित
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी। इसमें भवन व मकान नम्बर सहित मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, मकान किराए का है अथवा स्वयं का, कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दम्पत्तियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्त्रोत, पेयजल स्त्रोतों की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, शौचालय की सुगमता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा, रसोई घर व एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिये प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर व टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, लेपटॉप/कम्प्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन, मोबाइल फोन व स्मार्ट फोन इत्यादि की उपलब्धता, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप व वैन, परिवार द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अनाज, मसलन चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का व अन्य खाद्यान्न एवं मोबाइल फोन इत्यादि जानकारी शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

