धारः समय-सीमा में सेवा नहीं देने वाले 9 अधिकारियों पर 21 हजार 500 रुपये का जुर्माना
Dhar, 05 फ़रवरी (हि.स.)। अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडेय ने मध्य प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं किए जाने पर गुरुवार को 9 अधिकारियों पर कुल 21 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसमें तहसीलदार मुकेश बामनिया पर 6 हजार 500 रुपये, नायब तहसीलदार विशाखा चौहान पर 5 हजार रुपये, तहसीलदार दिनेश कुमार उईके पर 4 हजार रुपये, प्रभारी तहसीलदार मुकेश मालवीय पर 2 हजार रुपये, नायब तहसीलदार राजेश भिंडे पर 1 हजार 500 रुपये तथा तहसीलदार कुणाल अवास्या पर 1 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। इसके अतिरिक्त नायब तहसीलदार अनिता बरेठा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जौशुआ पीटर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी ज्योति सुनारिया पर 500-500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।
अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडेय ने बताया कि स्थानीय प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, तहसील स्तरीय रिकॉर्ड रूम से अभिलेख शाखा में जमा भू-अभिलेख, राजस्व प्रकरण, नक्शे, निर्माण श्रमिकों का पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन से संबंधित प्राप्त प्रकरणों का नियत समय-सीमा में निराकरण पदाभिहित अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया, जिसके कारण प्रकरण लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समय-सीमा से बाहर हो गए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 7(1)(ख) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक विलंबित प्रकरण पर 500 रुपये की दर से शास्ति अधिरोपित की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

