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मप्रः अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 में शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता और नवाचार पर हुआ मंथन

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मप्रः अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 में शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता और नवाचार पर हुआ मंथन


- आईईएचई भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर हुई पैनल चर्चा

भोपाल, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), में सोमवार को ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में कंप्यूटर विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने सक्रिय सहभागिता की।

पैनल चर्चा के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न आयामों, शैक्षणिक गुणवत्ता, समावेशी शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यालयी और उच्च शिक्षा के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रकाश बरतूनिया ने कहा कि सुदृढ़ उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए विद्यालयी शिक्षा की आधारशिला का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा के प्रारंभिक स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण अधिगम, तार्किक चिंतन तथा बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. मथुरा प्रसाद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पाँच प्रमुख स्तंभों की विस्तार से व्याख्या करते हुए शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी, न्यायसंगत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।

प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. मुकेश मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने पारंपरिक रटंत पद्धति से आगे बढ़कर विद्यार्थियों में जिज्ञासा, प्रश्नशीलता, तार्किक चिंतन तथा स्वतंत्र विचार की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल उत्तर याद करने के बजाय प्रश्न पूछने, विचार करने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना ही आधुनिक शिक्षा की वास्तविक दिशा है।

इस अवसर पर डॉ. शैलजा दुबे एवं डॉ. मनीष शर्मा ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार व्यक्त किए तथा बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में नवाचार, बहुविषयक शिक्षा और कौशल-आधारित अधिगम के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की प्रभारी श्वेता घाटे रहीं। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. सभाकांत द्विवेदी सहित संस्थान के अनेक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. गुरु दामन श्रीवास्तव ने किया। यह पैनल चर्चा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना को समझने, उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विमर्श करने तथा विद्यार्थियों में नवाचार, प्रश्नशीलता और समग्र शिक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर