मप्रः मुख्य सचिव ने की कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस में मुख्य बिंदुओं की समीक्षा
- कलेक्टर समन्वय कर बेहतर परिणाम दें : मुख्य सचिव जैन
भोपाल, 21 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को मंत्रालय में कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस के पालन प्रतिवेदन पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। कलेक्टर कमिश्र्नर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सम्मिलित हुए।
बैठक में मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि वे जिलों में सरकार के प्रतिनिधि हैं और शासन की प्रत्येक योजना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सभी विभागों के अमले के साथ लीडर की भूमिका निभाकर सर्वश्रेष्ठ परिणाम दें। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए जिला पंचायत और नगरीय क्षेत्र के विकास योजनाओं के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ उत्कृष्ट समन्वय बनाकर कार्य करने की जरूरत बताईं। उन्होंने कहा कि टीम के रूप में काम करने में ही परिणाम आएंगे और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सेक्टर बनाकर माह में कम से कम दो बैठक कर लंबित योजनाओं और कार्यक्रम के क्रियान्वयन में शतप्रतिशत उपलब्धि सुनिचिश्त करें। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के दृष्टिगत संबंधित विभागों को आगामी एक वर्ष की कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए।
मुख्य सचिव जैन ने सुशासन को मध्य प्रदेश शासन का मूल्य मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों में सौ-सौ दिन की पेंडेंसी असंतोषजनक है। उन्होंने सम्पूर्ण राजस्व प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद इस तरह की कार्यप्रणाली को समन्वय के साथ दुरूस्त करने को कहा है। नामांतरण में मुरैना-भिंड, बटवारा के प्रकरणों में अनूपपूर और रीवा, भूमि के सीमांकन प्रकरणों में विदिशा और सतना, खसरा अपडेट में रीवा और इंदौर तथा अवैध कब्जा हटाने के मामले में भिंड और विदिशा जिलों की स्थिति अपेक्षाकृत असंतोषजनक पायी गयी है। राजस्व संग्रहण में कम वसूली को भी मुख्य सचिव ने गम्भीरता से लिया और निर्देश दिए कि टेक्नोलॉजी का लाभ लेकर राजस्व संग्रहण बढाये। उन्होंने राजस्व प्रकरणो में बटांकन के बाद रिकार्ड दुरूस्त होने के पश्चात ही प्रकरण को निराकृत मानने को कहा है। बैठक में समग्र पोर्टल में केवाईसी को इस वर्ष के अन्त तक शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने एमपीई सेवा पोर्टल को प्रदेश के नागरिकों के लिए सेवाओं और सुविधा की दृष्टि से रिफार्म बताते हुए कलेक्टर्स और अन्य विभागों से कहा कि मार्च अंत तक सभी 1700 सेवाएं जुड़ जाए जिससे नागरिक इस पोर्टल के माध्यम से सेवाएं प्राप्त कर सकें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गांरटी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक मे बताया गया कि लोक सेवा गारंटी के तहत प्राप्त 1 करोड़ 9 लाख आवेदनों में से 1 करोड़ का निराकरण किया गया है इस मामले में निवाड़ी और बड़वानी टॉप पर जबकि मऊगंज और शिवपुरी निचले पायदान पर हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कलेक्टर संवेदनशीलता बरतें और समयअवधि बैठक में हर सप्ताह समीक्षा करें। उन्होंने निवास और आय प्रमाण पत्र, सीमांकन, अविवादित नामांतरण और जन्म के एक वर्ष पश्चात पंजीयन जैसी सेवाएं समय अवधि में निराकृत करने के निर्देश दिये। वर्तमान में 735 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित हैं जिनमें से 602 ऑनलाइन है शेष 133 सेवाओं को भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की कई शिकायतों को अटेंड नहीं किये जाने पर बैतूल, मऊगंज, शहडोल और भोपाल जिलों को सुधार करने की हिदायत दी। उन्होंने भूमि विवाद के मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज नही करने पर सेवा में कमीं बताया और आमजन को राहत पहुंचाने वाले इन कार्यों को सर्वोच्च्प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे टीम भावना से काम करें और जन प्रतिनिधियों सहित आम आदमी से संवेदनशील व्यवहार रखें और यह उनकी कार्य संस्कृति में भी दिखना चाहिए । उन्होंने वन ग्राम से राजस्व ग्राम कार्य की धीमी गति पर अंसतोष व्यक्त किया तथा वन भूमि का दावा कार्य में भी कम प्रगति पर कलेक्टर्स को राजस्व और वन अमले के साथ बेहतर समन्वय कर 31 मार्च तक सभी प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव जैन ने कृषि वर्ष 2026 के विभिन्न 10 आयाम की समीक्षा की और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर कृषि विकास के विभिन्न पहलूओं पर रणनीति बनाने के लिए कहा है। उन्होंने मिट्टी, पानी और मौसम को सटीक तकनीकी से जोड़ने और जिला स्तर पर प्लान बनाने को कहा है। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के निर्माण के समय आकल्पित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता में अंतर होने को गम्भीरता से लिया और कहा कि राजस्व कृषि तथा जल संसाधान विभाग इस दिशा में सटीक योजना बनाकर क्रियान्वयन करें। बैठक में पराली/नरवाई जलाने पर रोक लगाने के लिए किसानों के बीच वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रेसराईज्ड सिंचाई, परड्राप, मोरक्राप, उद्यानिकी क्लस्टर , खाद्य प्रसंस्करण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना एक बगिया माँ के नाम, डॉ. भीमराव कामधेनु योजना की भी समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव ने कलेक्टरर्स कों सभी योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन के निर्देश दिए है।
स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किये जाने के लिए कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे माह में स्वास्थ्य विभाग के साथ कम से कम दो बार बैठक करें और स्वास्थ्य मापदंडों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच पूरी गुणवत्ता से करने और असत्य आकँडें प्रस्तुत नहीं करने के लिए निर्देश दिये हैं। उन्होंने शिवपुरी और अशोक नगर कलेक्टर को स्थिति में सुधार लाने को कहा है। बैठक में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गयी कि नवविवाहित महिलाओं के समग्र आईडी नहीं बनने से स्वास्थ्य सेवाओं से वह वंचित रह जाती है। बैठक में भिंड और ग्वालियर में भी स्वास्थ्य सेवाओं की अपेक्षाकृत स्थिति ठीक नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया गया है। बैठक में कुपोषण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे नगरीय निकायों से बेहतर समन्वय कर यह सुनिश्यत करें कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हों। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर सही रिपोर्ट देने की संस्कृति विकसित करें। नगरीय विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रदेश में चलाये जा रहे पट्टा वितरण अभियान में समय अवधि के साथ सभी कार्यवाही पूर्ण करने को कहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और अमृत अभियान के कार्यों को गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने छतरपुर और मुरैना जिलों को स्वच्छ पेय जल पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने 3000 पेयजल टंकियों की सफाई और पाइप-लाइन लीकेज सुधार कार्य पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने पी.एम स्वनिधि, नगरीय यातायात व्यवस्था, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम, पी.एम ईव्ही बस सेवा तथा गीता भवन योजना आदि की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कहीं भी एंटी-रेवीज इंजेक्शन की कमी नहीं है।
मुख्य सचिव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि रोजगार गारंटी योजना, एनआरएलएम प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण सहित केन्द्र प्रवर्तीत योजनाओं और निर्माण कार्यों कों समय अवधि में पूरा करें जिससे आवंटित राशि लेप्स नहीं हो। उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत के सी.ई.ओ के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई और निर्देश दिए कि जिला पंचायत के सीईओ के अवकाश पर जाने पर स्थानीय व्यवस्था करें जिससे कार्य लंबित नहीं रहें। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की गयी और सिंगल विलेज में 31 मार्च तक शतप्रतिशत नल से जल पहुचाने के निर्देश दिये गए। अबतक 95 प्रतिशत ऐसे गांव में कार्य पूर्ण हो चुका है। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

