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मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव का इस्तीफा, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप

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मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव का इस्तीफा, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप


मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव का इस्तीफा, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप


कांग्रेस ने कहा- इस्तीफा नहीं, अनुशासनहीनता के कारण किया गया निष्कासन

भाेपाल, 03 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने शुक्रवार काे कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि यादव ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि अनुशासनहीनता के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है और शाम काे इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है।

राकेश सिंह यादव ने शुक्रवार काे पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वे तीन दशक से अधिक समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे, लेकिन वर्तमान प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली से असहमत होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में सवाल पूछने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई जा रही है तथा निर्णय एकतरफा लिए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में पार्टी द्वारा जारी उस निर्देश का भी विरोध किया, जिसमें नेताओं को टीवी डिबेट और मीडिया चर्चाओं से दूर रहने के लिए कहा गया था। यादव का कहना था कि यदि पार्टी के नेता सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात नहीं रखेंगे तो जनता के बीच पार्टी का पक्ष कैसे पहुंचेगा।

राकेश यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बिना पर्याप्त तथ्यों के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण मांगे तो जवाब देने के बजाय उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। यादव ने वीर भारत न्यास से जुड़े मामले में भी प्रदेश नेतृत्व की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त तथ्यों के गंभीर आरोप लगाने से पार्टी की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश संगठन में निर्णय पारदर्शी तरीके से नहीं लिए जा रहे हैं।

इस दौरान राकेश यादव ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में टिकट वितरण को लेकर चौधरी पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। साथ ही उन्होंने संगठन सृजन अभियान के दौरान संगठनात्मक नियुक्तियों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए। इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।

राकेश यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि प्रदेश संगठन को गलत नेतृत्व के भरोसे छोड़ दिया गया है। उनका दावा था कि वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है और यदि संगठनात्मक सुधार नहीं हुए तो आगामी नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी संगठन का प्रभावी नेतृत्व करने में विफल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पटवारी के खिलाफ कई व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप लगाए, जिनमें भूमि संबंधी मामलों और संगठन संचालन को लेकर गंभीर टिप्पणियां भी शामिल थीं।

उधर, कांग्रेस का कहना है कि राकेश सिंह यादव ने स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि अनुशासनहीनता और पार्टी की गाइडलाइन के उल्लंघन के कारण उन्हें संगठन से निष्कासित किया गया है। पार्टी ने इस संबंध में निष्कासन आदेश जारी होने का भी दावा किया है। राकेश यादव के इस्तीफे और कांग्रेस के निष्कासन संबंधी दावों के बीच प्रदेश कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में प्रदेश नेतृत्व को लेकर सामने आए मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं, जिसका असर आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों पर भी पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे