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मप्र कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सभी विभाग-प्रकोष्ठ भंग, 6 जिलाध्यक्षों की छुट्टी तय

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मप्र कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सभी विभाग-प्रकोष्ठ भंग, 6 जिलाध्यक्षों की छुट्टी तय


मप्र कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सभी विभाग-प्रकोष्ठ भंग, 6 जिलाध्यक्षों की छुट्टी तय


दिल्ली में दो दिन चली समीक्षा बैठक के बाद फैसला

भोपाल, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस में व्यापक संगठनात्मक बदलावों का दौर शुरू हो गया है। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने प्रदेश संगठन में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों (सेल), उनके प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठनात्मक ढांचे को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह आदेश प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बुधवार को जारी किया।

यह निर्णय दिल्ली में पिछले दो दिनों से चल रही संगठन समीक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली, सक्रियता और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह फैसला प्रदेश कांग्रेस के व्यापक पुनर्गठन की पहली कड़ी माना जा रहा है।

जल्द बनेगा नया संगठनात्मक ढांचा

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अब प्रदेश में पूरी संगठनात्मक संरचना को नए सिरे से तैयार करने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना है। सूत्रों का कहना है कि नए गठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय और संगठन के लिए लगातार काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रदेश कार्यकारिणी पर भी गिर सकती है गाज

संगठनात्मक फेरबदल केवल विभागों और प्रकोष्ठों तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के भीतर चर्चा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी को भी जल्द भंग किया जा सकता है। इसके बाद नई कार्यकारिणी का गठन कर संगठन को पूरी तरह नए स्वरूप में खड़ा किया जाएगा।

रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगी कार्रवाई

प्रदेश कांग्रेस ने पिछले वर्ष अगस्त में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन कराया है। पार्टी ने सभी जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन को चार श्रेणियों A, B, C और D में वर्गीकृत किया है। सूत्रों के अनुसार सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले 'D' श्रेणी के करीब आधा दर्जन जिलाध्यक्षों को हटाने पर दिल्ली में सहमति बन गई है। इनके संबंध में आदेश कभी भी जारी किए जा सकते हैं।

संगठन में जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि केवल सक्रिय और जनसंपर्क रखने वाले नेताओं को ही संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को अवसर देकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्निर्माण का अहम हिस्सा है।

शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई आदेश की प्रति

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में विभागों, प्रकोष्ठों, जिला संगठनों और प्रदेश स्तर पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज होगी। इससे पहले संगठन में व्यापक स्तर पर समीक्षा और जवाबदेही तय करने का अभियान जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे