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भोपाल में कांग्रेस का उपवास आंदोलन, इंदौर में दूषित पानी से मौतों और मनरेगा का नाम बदलने पर जताया विरोध

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भोपाल में कांग्रेस का उपवास आंदोलन, इंदौर में दूषित पानी से मौतों और मनरेगा का नाम बदलने पर जताया विरोध


भोपाल, 17 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबी जी राम जी किए जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में एक दिन का उपवास आंदोलन किया। ग्रामीण और शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने और बुनियादी सुविधाओं में विफल रहने का आरोप लगाया।

भोपाल में ग्रामीण कांग्रेस ने बैरसिया में, जबकि शहर कांग्रेस ने राजधानी के रोशनपुरा चौक पर उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार न तो ग्रामीणों को रोजगार दे पा रही है और न ही नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा पा रही है। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी मान सिंह ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना का नाम बदलना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि इसके पीछे योजना को कमजोर करने की मंशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त कर ग्रामीणों से रोजगार का संवैधानिक अधिकार छीनना चाहती है।

उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से 24 लोगों की मौत का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मोहन यादव सरकार प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। “इंदौर की घटना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर रही।

गांधीवादी तरीके से सरकार को घेरने का प्रयास

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उपवास आंदोलन गांधीवादी तरीके से सरकार को जनसमस्याओं की याद दिलाने का प्रयास है। शहर कांग्रेस कमेटी ने भी प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर भोपाल में उपवास रखकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे