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मप्रः आयुक्त ने किया आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर लिया फीडबैक

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मप्रः आयुक्त ने किया आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर लिया फीडबैक


- पोषण बढ़ाने के लिए मोरिंगा पौधारोपण और आहार में स्थानीय पोषक तत्व शामिल करने के दिए निर्देश

भोपाल, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास के आयुक्त संदीप जी.आर. ने गुरुवार को मैदानी स्तर पर विभागीय सेवाओं की स्थिति जानने के लिए सीहोर जिले के आंगनवाड़ी केंद्र डोडी क्रमांक-58 का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया तथा सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के लिए उपलब्ध नाश्ता एवं गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे स्थानीय टेक होम राशन, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा केंद्र पर प्रदाय की जा रही अन्य पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी जानकारी ली।

पोषण बढ़ाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में मोरिंगा पौधारोपण पर जोर

आयुक्त संदीप जी.आर. ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर पर प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे वीडियो के अनुसार गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों की पोषण वाटिकाओं में 20 मोरिंगा (सहजन/मुनगा) के पौधे लगाए जाएं। साथ ही, बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए केंद्र पर तैयार की जाने वाली रोटी अथवा पूरियों में चुकंदर, मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां आदि स्थानीय पोषक सामग्री का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री का बेहतर उपयोग बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम हो सकता है।

बच्चों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी स्थिति

आयुक्त ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों और महिला हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से केंद्र पर मिलने वाले नाश्ते और गर्म पके भोजन के स्वाद एवं गुणवत्ता के बारे में बातचीत की तथा हितग्राहियों से पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने बच्चों के साथ संचालित शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों का भी अवलोकन किया।

पोषण ट्रैकर और कुपोषित बच्चों के प्रबंधन की ली जानकारी

आयुक्त संदीप जी.आर. ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों के आयोजन, पोषण ट्रैकर के उपयोग तथा केंद्र में कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी ली। कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि के वीडियो के माध्यम से बच्चों के साथ कराई जा रही गतिविधि का उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ बच्चों के लिए गतिविधि आधारित एवं रुचिकर प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

आयुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल तथा मातृ एवं शिशु कल्याण का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बच्चों एवं हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सक्रिय, जीवंत एवं बाल हितैषी बनाने के निर्देश दिए।

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान आयुक्त संदीप जी.आर. ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं में नवीन हितग्राहियों के पंजीयन तथा उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त होने की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने तथा मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर