मप्र के मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा, किसानों को उड़द के उपार्जन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देगी सरकार
भोपाल, 24 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में कहा कि किसानों के हित में की गई घोषणाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार उड़द के उपार्जन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देगी। वहीं, सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन मानते हुए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरसों उत्पादन 28% बढ़ने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन में कहा कि मालवा अंचल के जनजातीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगोरिया लोकपर्व को सरकार ने राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का फैसला लिया है। जनजातीय बहुल जिलों बड़वानी, धार और झाबुआ में सरकार कृषि कैबिनेट करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भगोरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार, वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। यह वर्ष मध्य प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार, खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक किसानों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के किसानों को भावान्तर योजना का लाभ दिलाया। किसानों के कल्याण की दिशा में यह योजना पूरे देश में एक आदर्श उदाहरण बनी। इस वर्ष सरसों के रकबा में पूर्व के वर्षों की तुलना में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अग्रिम अनुमान के अनुसार इसका उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन तक होने वाला है। सरकार, सरसों के किसानों को भी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने निर्णय लिया है कि सरसों का उपार्जन भावान्तर योजना के नियत प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा और किसानों की आय लगातार बढ़ रही है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने और आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से उड़द की खेती करने वाले किसानों को सरकार ने 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की राशि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश, उड़द पर बोनस राशि देने वाला पहला राज्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चना, मसूर और तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत उपार्जन किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के विस्तार से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक, प्रदेश में शिक्षा संबंधी प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत बजट 2026-27 में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। नीति से नवाचार और कौशल से करियर तक - मध्यप्रदेश शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

