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आम जनता के कार्य समय-सीमा में हों पूरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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आम जनता के कार्य समय-सीमा में हों पूरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की 21 प्रमुख कार्यों की समीक्षा, विभागों को दिए निर्देश

भोपाल, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आम जनता से जुड़े कार्यों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए। आमजन के कार्य हेल्प लाइन तक पहुंचने से पहले ही पूरे हो जाएं, ऐसे प्रयास किए जाएं। जनता से जुड़े सभी प्राथमिक कार्यों का समय पर निपटारा आवश्यक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से एक विशेष बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: 2026 के माध्यम से साप्ताहिक शिविर और संवाद के आयोजन प्रारंभ किए हैं। गत तीन सप्ताह में इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। त्योहार या अन्य कारणों से जब शुक्रवार को जन विश्वास अभियान के तहत शिविर और संवाद का आयोजन नहीं हो सके तो आगामी दिवस अर्थात शनिवार को यह कार्यवाही की जाए।

मंत्रालय सहित विंध्याचल-सतपुड़ा में अधिकारियों कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटैंडेंस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन ने उत्तरदायी प्रशासन के लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: 2026 प्रारंभ किया है। इस अभियान के संचालन से बड़ी संख्या में आमजन के लंबित कार्यों और समस्याओं का समाधान हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जन विश्वास अभियान की आगामी एक माह की तैयारी रखी जाए, ताकि जनता को संवाद और शिविर का पूरा लाभ प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में मंत्रालय सहित विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में बायोमैट्रिक अटैंडेंस की व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। यह प्रदेश के जिलों में भी लागू की जाएगी। अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और समय पर कार्यों को पूर्ण करें, इस पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रखेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए अधिकार अभिलेखों के पंजीयन, जिला स्तर पर राजस्व और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित करने और ग्राम की दखल रहित भूमि का चिन्हांकन का कार्य पूर्ण किया जाए। ग्रामीण आबादी को बैंक ऋण आसानी से मिले इसके लिए सभी को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिलवाने की अभियान के संचालन के लिए रूपरेखा तैयार कर अंतिम रूप दिया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित कर भूमिहीनों को आवास पट्टे प्रदान करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया संचालित की जाए।

नर्मदा समग्र मिशन (नमन)

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नर्मदा समग्र मिशन (नमन) के गठन और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण किया जाए। प्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा को निर्मल और प्रवहमान बनाए रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण रोकथाम, सांस्कृतिक, सामाजिक सहभागिता और विभागों के परस्पर समन्वय के साथ समग्र विकास के कार्यों को क्रियान्वित करने के लिए मिशन सक्रिय रूप से कार्य करेगा।

महानगरों में पानी और सीवरेज का प्रबंधन

उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज के कार्यों का उचित प्रबंधन नगरीय निकायों का दायित्व है। जहां आमजन को पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जाए वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का पर्याप्त तकनीकी अमला पदस्थ किया जाए, ताकि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में नगरीय क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार प्रतिनियुक्ति पर लेने की कार्यवाही की जाए। निकायों की आदर्श कार्मिक संरचना में उपलब्ध पदों पर कार्यरत पीएचई के इच्छुक तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों का वन टाइम संविलियन किया जाए।

चित्रकूट और अन्य धार्मिक पर्यटन महत्व के स्थलों का विकास

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन महत्व के स्थानों के समुचित विकास के कार्य तेजी से पूरे हों। भगवान श्रीराम के वन गमन पथ के दस कार्यों पर 160 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। मार्ग के 20 अन्य स्थानों पर कार्यों का चिन्हांकन किया गया है। चित्रकूट में कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए वन विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त हो गई है। पर्यटन विकास के विस्तार के लिए 12.50 हैक्टेयर वन भूमि चिन्हित की गई है। गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर और अन्य स्थानों के विकास के लिए आवश्यक कार्य पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदाकिनी नदी जोड़ो योजना और संयुक्त तीर्थ विकसित करने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया, ओरछा के साथ ही ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर के प्रांगण विकास के लिए स्वीकृत कार्यों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण पाथेय के अंतर्गत 225 करोड़ रुपये के विकास कार्य विभिन्न स्तरों पर क्रियान्वित किए जा रहे हैं।

सिंहस्थ के दृष्टिगत भीड़ प्रबंधन के उपाय

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां सिंहस्थ: 2028 के लिए विभिन्न कार्य तेजी से पूरे करने पर हमारा फोकस रहे वहीं ऐसे उपायों पर भी अमल करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान हो। इसके तहत उज्जैन स्थित अनेक मंदिर और प्रदेश के प्रमुख धर्म स्थलों पर ऐसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जो श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी होंगी। उज्जैन में टेंपल बॉन्ड के माध्यम से प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के कार्य होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के धार्मिक लोकों पर विकसित की जा रही सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।

होमगार्ड और सुरक्षा बल के जवानों की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता में वृद्धि, बैगा, भारिया, सहरिया विशेष पिछड़ी जनजाति के युवकों के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सेवाएं लेने, होमगार्ड भर्ती नियम को अंतिम रूप देकर भर्ती परीक्षा करवाने की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मध्यप्रदेश राज्य द्रुतगति बल की उपयोगिता और उसके गठन से संबंधित विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग द्वारा इस संबंध में अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख 21 कार्यों की समीक्षा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर