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सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल हैं प्रधानमंत्री की जन-सुरक्षा योजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल हैं प्रधानमंत्री की जन-सुरक्षा योजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने पूरे किए जन-सुरक्षा के 11 वर्ष

भोपाल, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल सिद्ध हुई हैं। इन योजनाओं ने गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान एवं निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को एक बयान में कहा कि जन-सुरक्षा की इन तीनों योजनाओं ने सफलतापूर्वक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कम लागत में बीमा और पेंशन सुविधाएं पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में भी राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग संस्थाओं, डाकघरों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

आम नागरिकों की विपत्ति का संबल बनी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से नागरिकों को अत्यंत कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जिसे ऑटो-डेबिट के माध्यम से खातों से जमा किया जाता है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अप्रैल 2026 तक के अंतर्गत देशभर में 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं तथा 10 लाख 75 हजार से अधिक दावों के लिए 21 हजार 512 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ महिलाओं तथा 8.09 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों का नामांतर हुआ है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने हादसों में संभाले गरीब परिवार

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना की स्थिति में गरीब एवं सामान्य परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। योजना में 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं और इसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 84 हजार से अधिक दावों के लिए 3 हजार 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 27.45 करोड़ महिलाओं तथा 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों ने नामांकन कराया है।

अटल पेंशन योजना बनी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बैंक खाताधारक, जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। योजना में किए गए अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान की जाती है।

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है तथा उसके पश्चात संचित राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। योजना में मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान की सुविधा उपलब्ध है।

अटल पेंशन योजना में अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग नामांकन करा चुके हैं तथा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगभग 49 प्रतिशत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से नामांकन एवं दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जन-सुरक्षा योजनाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर