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मध्य प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्य प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


- मुख्यमंत्री ने की विभिन्न विभागों की समीक्षा

भोपाल, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेशवासियों के विकास, उनके जीवन स्तर में सुधार करना और जन-जन के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियावयन सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग अपनी सार्थकता को स्थापित करें। विभाग अपने कार्य क्षेत्र की कठिनाइयों और चुनौतियों को चिन्हित करते हुए, सकारात्मक भाव से उनका निराकरण करें। विभाग और जिले जिन क्षेत्रों में पीछे हैं, उनमें सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। मध्य प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना हमारा प्रयास हो। जनहित में किए जाने वाले सभी नवाचारों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियावयन के संबंध में शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित नोडल विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्वामित्व योजना में महिलाओं के नाम से कराई जाए रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के कार्य का लाभ प्रदेश के सभी ग्रामवासियों को दिलवाने के लिये अभियान के स्वरूप में संचालित किया जाए। लोकहित के इस कार्य में जनप्रतिनिधियों- पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को जमीन के नि:शुल्क पट्टे वितरित किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाना आवश्यक है। कलेक्टर समय सीमा निर्धारित करते हुए पूरी संवेदनाशीलता और सक्रियता से कार्य करें। इससे ग्रामीण क्षेत्र से शहरों में हो रहे पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। शहरी क्षेत्र से सटे गांवों के लिए प्रक्रिया का क्रियान्वयन क्षेत्र का नियोजन कर किया जाए। इससे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण में मदद मिलेगी और स्थानीय निवासियों को स्कूल, खेल के मैदान, मूलभूत आवश्यकताओं की दुकानों और धर्मशालाओं जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा के लिए माह के पहले सोमवार को होगी बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक में बताया गया कि नर्मदा समग्र मिशन की स्थापना के संबंध में नोडल विभाग/स्पेशल सेल के गठन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय लोगों को जागरूक कर नर्मदा समग्र अभियान से जोड़ा जाए। जीवनदायिनी मां नर्मदा मध्यप्रदेश की लाइफलाइन है। अमरकंटक स्थित नर्मदा उद्गम स्थल सहित सभी प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने की आवश्यकता है। यहां प्राकृतिक सौंर्दय बना रहे और सीमेंट क्रांकीट के पक्के निर्माण कम हो, इसके लिए उद्गम स्थलों से दूर सुव्यवस्थित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएं। मुख्यमंत्रीने नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को माह के पहले सोमवार को बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर की जाए समीक्षा

मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में सभी को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर समीक्षा की जाए। जल संरक्षण के लिए कार्य करने मे जन सामान्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि अपने ग्राम और वार्ड की बेहतरी के लिए कार्य करने के इच्छुक व्यक्तियों को ''जन्मभूमि से कर्मभूमि तक'' का अभियान चलाये और उन्हें जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाए। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल संरक्षण गतिविधियों को अभियान का रूप दिया जाए।

बैठक में पीएचई, नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ग्रीष्मकाल में विभाग की तैयारियां वॉटरशेड मिशन की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के किसी बसाहट में वर्तमान में जल परिवहन की आवश्यकता नहीं है। नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग नलजल योजना पर तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश भर में अमृत-1 और अमृत-2 योजना के अंतर्गत पानी और सीवरेज प्रबंधन के लिए कार्य निरंतर प्रगति पर है।

उत्तर प्रदेश सरकार के साथ चित्रकूट धाम के समग्र विकास के लिए होगी संयुक्त बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम के समग्र विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। चित्रकूट धाम की मंदाकिनी नदी में पानी की धारा को अविरल रखने की योजना पर कार्य किया जाएगा। देश में विरासत से विकास के मॉडल के साथ धार्मिक पर्यटन का इकोसिस्टम तैयार किया गया है। ओंकारेश्वर के ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के महातम्य से जन-जन को अवगत कराना जरूरी है। ममलेश्वर के विकास से भविष्य में भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने श्रीराम वन गमन पथ, श्री कृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम में जारी विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के दिशा निर्देश दिए।

होमगार्ड बल का क्षमता संवर्धन होगा

मुख्यमंत्री ने महाकाल महालोक के प्रबंधन के लिए मंदिर समिति द्वारा होमगार्ड की व्यवस्था की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों पर भी होमगार्ड के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे होमगार्ड बल का क्षमता संबर्धन भी होगा, जिसका उपयोग प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला पर्यटन परिषदों को भी जिला स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहभागी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न समाजों और संस्थाओं द्वारा बनाई जाने वाली धर्मशालाओं में राज्य शासन सहयोग प्रदान करें, इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने वाले गरीब वर्ग को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत उज्जैन के दताना मताना हवाई पट्टी के स्थान पर 2700 मीटर लंबी नवीन हवाई एवं एयरपोर्ट निर्माण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए आवश्यक भू अर्जन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसका भूमि-पूजन किया जाएगा।

कपास उत्पादक किसानों के लिये कम किया मंडी शुल्क

मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में नवाचार और नई योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि खंडवा और बुरहानपुर की मंडियों में कपास उत्पादक किसानों से लिया जा रहा मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को उपज बेचने में कठिनाई न हो इसके लिए कपास का मंडी शुल्क पड़ोसी महाराष्ट्र राज्य के बराबर 55 पैसे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को अग्निवीर योजना के अंतर्गत अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मिले निर्देशों को लागू करने के निर्देश दिए।

बॉयोमैट्रिक उपस्थित लागू होने से शासकीय कार्य कुशलता और समय बद्धता में होगी वृद्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजधानी भोपाल में मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में तैनात कर्मचारियों की बॉयोमैट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बॉयोमैट्रिक अडेंटेंस एक नवाचारी पहल है। इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू किया जाए। सभी कार्यालयों में बॉयोमैट्रिक उपस्थित लागू होने से शासकीय कार्य कुशलता और समय बद्धता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी कार्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा समय के पालन का निरीक्षण करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर