ग्रामवासियों को दीपावली पर नि:शुल्क रजिस्ट्री के जरिए खुशियां बांट रहे हैं अधिकारीः मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री मुरैना में स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल, बोले- किसानों और ग्रामवासियों को दिया जा रहा है उनकी सम्पत्ति का पूरा अधिकार
भोपाल, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत किसानों और ग्रामवासियों को उनकी संपत्ति का पूरा अधिकार दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना में प्रदेशभर में 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है। जिला प्रशासन के सभी अधिकारी, तहसीलदार-पटवारी मिलकर ग्रामवासियों को दीपावली पर नि:शुल्क रजिस्ट्री के जरिए खुशियां बांट रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुरैना जिले के ग्राम करुआ में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना अंतर्गत आयोजित स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था। गांव में अपनी जमीन पर लाखों रुपये खर्च कर पक्का मकान बनाने के बाद भी उस संपत्ति का कोई रजिस्टर्ड दस्तावेज नहीं होता था। बैंक भी उस संपत्ति पर कोई ऋण नहीं देते थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण आबादी को पट्टे दिए। अब राज्य सरकार ने संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री कराने का अभियान शुरू किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिले के ग्राम करुआ में प्राथमिक स्कूल का उन्नयन कर इसे माध्यमिक स्कूल करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा रिमोट का बटन दबाकर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद योजना के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया।
बच्चों के भविष्य निर्माण में भी उपयोगी होंगे रजिस्ट्री के दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे और अपना नर्सिंग होम या अस्पताल खोलना चाहेंगे अथवा कोई अन्य व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, तब बैंक से ऋण लेने के लिए उन्हें रजिस्ट्री के दस्तावेज भी उपलब्ध होने चाहिए। इससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत जिन गांवों में 80 से 100 प्रतिशत तक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, ऐसे गांवों में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचकर धनतेरस पर हितग्राहियों को दस्तावेज बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा। मुख्यमंत्री उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ रजिस्ट्री अभियान में जुटे पटवारियों, तहसीलदारों और अन्य अधिकारियों को बधाई दी।
राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर कार्यरत है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। पूरे वर्ष किसानों की बेहतरी और आमदनी बढ़ाने के लिए काम करना हमारा उद्देश्य है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अगर कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है और इस पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होते हैं और इस पर 10 लाख रुपये का अनुदान सरकार दे रही है। किसान दूध का उत्पादन करें और सहकारी समिति या अन्य माध्यमों से बेचें। हमारा प्रयास है कि खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से भी किसानों की आमदनी बढ़े और वे आर्थिक रूप से समृद्ध बनें।
आजादी के बाद पहली बार संपत्ति का अधिकार मिलने पर भावुक हुए हितग्राही
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया और उनसे पूछा कि पक्की रजिस्ट्री मिलने के बाद उन्हें किस प्रकार का लाभ मिलेगा तथा उनका अनुभव कैसा रहा। हितग्राही जगदीश यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब उनके पक्के मकान की रजिस्ट्री होने से उन्हें वास्तविक मालिकाना हक प्राप्त हो गया है। इससे उनके मकान की कीमत और महत्व भी बढ़ेगा तथा भविष्य में वे इसका उपयोग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कर सकेंगे।
हितग्राही रामचित कुशवाहा ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। अब उनके मकान का मालिकाना हक भी उन्हें मिल गया है, जिससे भविष्य में अन्य कार्यों के लिए सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। राकेश बाथम ने कहा कि रजिस्ट्री होने से अब वे अपने मकान के दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें आर्थिक आवश्यकताओं और अन्य कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिलेगी।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने सोवरन सिंह एवं रामखत्याहार सिंह से भी बातचीत की। हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें इस बात की विशेष खुशी है कि उनके मकानों की रजिस्ट्री कराने में कोई शुल्क नहीं देना पड़ा। उन्होंने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक उन्हें अपने मकानों का ऐसा पक्का मालिकाना अधिकार नहीं मिल पाया था, जो अब प्राप्त हुआ है। हितग्राहियों ने कहा कि अब वे अपने मकानों के वास्तविक वैधानिक मालिक बन गए हैं। हितग्राही अतर सिंह ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए बताया कि उनकी लगभग 89 हजार रुपये की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार ने वहन किया है। उन्हें रजिस्ट्री के लिए कोई राशि नहीं चुकानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि धनतेरस के इस शुभ अवसर पर मिला यह अधिकार उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली के नए द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन क्लिक कर किया रजिस्ट्री का शुभारंभ, पटवारियों से जाना अनुभव
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पटवारी मुकेश तिवारी एवं विवेक सिकरवार से स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री कार्य की विस्तार से जानकारी ली एवं सम्मानित पटवारियों से उनके अनुभवों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि ग्रामीणों के मकानों की रजिस्ट्री कराते समय उन्हें कैसा अनुभव हुआ। पटवारियों ने बताया कि जब वे किसी ग्रामीण के मकान की रजिस्ट्री कराकर उसे उसके नाम का पक्का मालिकाना अधिकार दिलाते हैं, तो हितग्राही के चेहरे पर आने वाली खुशी और संतुष्टि देखकर उन्हें भी आत्मिक प्रसन्नता होती है। ग्रामीणों का छोटा या बड़ा मकान हो, उसे उसका वैधानिक अधिकार दिलाने से उन्हें अपने कार्य की सार्थकता महसूस होती है। उन्होंने कहा कि यह केवल रजिस्ट्री का कार्य नहीं, बल्कि वर्षों से अपने मकान में रह रहे परिवारों को उनका अधिकार दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने उनके समर्पण एवं कार्य की सराहना करते हुए सभी को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करते हुए 200 से अधिक रजिस्ट्री कराने वाले पटवारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तहसीलदार रवीश भदौरिया, तहसील सबलगढ़ तथा तहसीलदार घनश्याम शर्मा, मुरैना ग्रामीण को सम्मानित किया। पटवारियों में तहसील अम्बाह के शिवमोहन सिंह तोमर, राजेश तोमर, सौरभ सिकरवार एवं संजीव शर्मा शामिल रहे। इसके साथ ही तहसील बानमोर की मोहिनी शर्मा एवं विनोद कुलश्रेष्ठ तथा तहसील कैलारस के राधेश्याम शर्मा एवं नरेन्द्र कुमार को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

