हमारी संस्कृति में माता-बहनें सर्वोपरि, उन्हें उनका अधिकारी दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मोहन यादव
- मुख्यमंत्री ने नरयावली को दी सांदीपनि विद्यालय की सौगात, विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
भोपाल, 23 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति माताओं-बहनों का सर्वोपरि रखने की रही है। बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में आरक्षण दिलवाने के लिए हमारी सरकार लड़ाई लड़ रही है। उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सारग जिले के नरयावली में विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने के लिए सभी से अपील की थी, लेकिन कुछ राजनैतिक दलों को बहनों को उनका अधिकार देने में जरा भी दया नहीं आई। पहले भी बहनों के भरण पोषण के भत्ते से जुड़े उच्चतम न्यायालय के आदेश को भी इन लोगों ने ही ठुकरा दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार माताओं-बहनों का सम्मान करते हुए लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों को हर महीने 1500 रुपये की सौगात दे रही है। प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी एसपी हैं और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सागर जिले में सांसद, महापौर भी महिलाएं हैं। प्रदेशभर में प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन कई राजनैतिक दलों को नहीं सुहाता है। माताएं-बहनें सब कुछ भूल सकती हैं, पर अपना अपमान कभी नहीं भूल सकती हैं, बहनों से यही अपील है कि मौका मिलने पर हिसाब जरूर चुकता करना है। हमारा पूर्ण संकल्प है कि आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन बहनों को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलवा कर रहेंगे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल और डॉ. हरिसिंह गौर को नमन किया। इस ममौके पर उन्होंने नरयावली में 27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विद्यालय नहीं, हमारी 5 हजार साल पुरानी विरासत का प्रतीक है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने वाले श्रीकृष्ण हमारे आदर्श हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 41 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत से 36 विकास कार्यों का लोकार्पण और 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से 62 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया, साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए सरकार प्रयासरत है। अब कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही हैं। बुंदेलखंड की धरती वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड के लोग हर क्षेत्र में दक्ष थे, लेकिन प्रकृति की मार पड़ी तो पानी की कमी हो गई और खेती प्रभावित होने से पलायन शुरू हो गया। अब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में यहां केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। इस एक लाख करोड़ रुपये की परियोजना से बुंदेलखंडवासियों के पीने के पानी की समस्या हल होगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। सागर में इंडस्ट्रियल पार्क का कार्य तेजी से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों को 5 रुपये में बिजली का अस्थाई कनेक्शन दिया जा रहा है। किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। किसान भाइयों की मेहनत से प्रदेश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन भी बढ़ा है। अब पॉली बैग्स का विकल्प निकाला गया है। राज्य सरकार ने गेहूं का एक-एक दाना खरीदने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार पहले छोटे और मध्यम वर्ग के किसान और उसके बाद बड़े किसानों का गेहूं खरीद रही है। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 78 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का कोटा तय किया है, लेकिन इस बार गेहूं का उत्पादन दोगुना हुआ है, इसीलिए केंद्र सरकार से गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर उपज का उचित दाम दिलवाया था। सच्चा वादा, पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्रीराम हमारी सरकार का नारा है। जो कहा है, उसे पूरा करके दिखाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, बांध, सड़कें और उद्योग सहित अन्य विकास कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर किसानों से भूमि अधिग्रहित की जाती है। जमीन ही किसानों का आसरा होती है। इसीलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण करने पर कलेक्टर रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 16 विभागों को एक साथ जोड़कर योजनाएं तैयार की हैं। सहकारिता के माध्यम से सरकार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे आधुनिक सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आया तो सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। बेटियों ने परीक्षाओं में बाजी मारी है। राज्य सरकार स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी और मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दे रही है। नरयावली क्षेत्र डॉ. हरिसिंह गौर के समय से शिक्षा का पावन मंदिर रहा है। यहां कोई शासकीय विश्वविद्यालय नहीं था, इसीलिए नरयावली में रानी अवंतीबाई के नाम पर राजकीय विश्वविद्यालय शुरू करने की पहल की गई। नरयावली को आज 27 करोड़ रुपये लागत के सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है, जो भविष्य निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद लता वानखेड़े और विधायक प्रदीप लारिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक गोपाल भार्गव तथा भूपेंद्र सिंह, विधायकगण शैलेंद्र जैन, वीरेंद्र लंबरदार, बृजविहारी पटेरिया, निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, महापौर संगीता तिवारी, श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, प्रभुदयाल कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जन उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

