मप्रः सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए निलंबित करने के निर्देश
- कानून-व्यवस्था में लापरवाही या पद का दुरुपयोग अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन की खरीदी में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र को लेकर मामला दर्ज होने के बाद सीएसपी के कार्यालय को सील कर दिया गया है। वहीं मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान में लेते हुए मुख्य सचिव को सीएसपी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने को कहा है।
मध्य प्रदेश के कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ गुरुवार देर रात धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक सांठगांठ के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होने के बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत पर कुठला थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस की टीम ने सीएसपी कार्यालय पहुंचकर उनके कार्यालय और स्टाफ कक्ष को सील कर दिया।
इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को संबंधित सीएसपी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े किन्हीं भी मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होने और अंतरिम राहत न मिलने के बाद कटनी के कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी, दबाव बनाने व आपराधिक सांठगांठ की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
82 लाख की जमीन 18.20 लाख में खरीदी
कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामला कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खसरा नंबर 2618/1 की बेशकीमती जमीन के सौदे से जुड़ा है। विभागीय जांच में सामने आया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार इस जमीन की वास्तविक कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी। पुलिसिया तंत्र और पद के रसूख का कथित दुरुपयोग कर इस जमीन की रजिस्ट्री मात्र 18 लाख 20 हजार रुपये में करवा ली गई। इसमें कागजों पर 15 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 3.20 लाख रुपये नकद देना दर्शाया गया।
जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनु बेनीवाल द्वारा की गई गहन जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जमीन का क्रेता मारूफ अहमद हनफी कागजों में खरीदार बना था, लेकिन उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने लायक रकम ही मौजूद नहीं थी। उसके खाते से 11 जुलाई 2025 को महज 3,036 रुपये और 1 जुलाई 2026 को सिर्फ 1,61,516 रुपये जमा थे। रजिस्ट्री वाले दिन 15 अप्रैल 2026 को मारूफ के खाते में अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
जांच में पता चला कि मारूफ के खाते में 10 लाख रुपये 'शाइन पार्टनर्स' के खाते से और पांच लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से भेजे गए थे। गहराई से पड़ताल करने पर सामने आया कि 'शाइन पार्टनर्स' और क्षितिज राज बारापात्रे, दोनों के बैंक खातों में एक ही पेन नंबर दर्ज है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, क्षितिज राज बारापात्रे को सीएसपी नेहा पच्चीसिया का करीबी, संबंधी या व्यावसायिक पार्टनर माना गया है। पीड़ित रमेश लोधी जब एक आपराधिक मामले की जांच का सामना कर रहे थे, उसी दौरान उनसे औने-पौने दामों में जमीन बेचने का दबाव बनाया गया।
रमेश के बेटे आकाश लोधी का आरोप है कि जब उनके पिता ने जेल में रहने के दौरान हुई इस विवादित रजिस्ट्री और नामांतरण को रद्द कराने के लिए आवेदन दिए, तो उनके पूरे परिवार को धमकाया गया। पीड़ित परिवार की आवाज दबाने के लिए रमेश लोधी और उनके दामाद (जीजा) को भी हत्या के मुकदमे में आरोपी बनाकर जेल भिजवा दिया गया।
सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कार्यकाल के दौरान कई अन्य गंभीर शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं। जुलाई में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्टर से 30,000 रुपये की अवैध मांग का आरोप लगा था। इसके बाद उनके ड्राइवर को निलंबित कर दिया गया था और सीएसपी से तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया था। कुठला थाने में दर्ज हत्या के मामले में तय समयावधि के भीतर चालान न्यायालय में पेश न करने के कारण मुख्य आरोपी को 'डिफॉल्ट जमानत' मिल गई थी, जिसमें सीएसपी की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी।
जानकारी के अनुसार, शिकायत पहले भोपाल स्थित सतर्कता शाखा पहुंची, जहां से मामला जबलपुर जोन भेजा गया। एडीजीपी जबलपुर के निर्देश पर एसीपी अनु बेनीवाल ने बैंक खातों, दस्तावेजों और ट्रांजैक्शन की बिंदुवार जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर 18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी पुलिस अधीक्षक को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में दर्ज प्रकरण का क्रमांक 0738/2026 बताया जा रहा है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 61, 198, 199(B), 308(7) और 318(4) लगाई गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

