मप्रः चंबल नदी जलीय जीव एवं पक्षियों की वार्षिक गणना के लिए सर्वेक्षण दल रवाना
भोपाल, 05 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की चंबल नदी के घाट दांतरदा क्षेत्र में जलीय जीवों तथा प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की वार्षिक गणना के लिये गठित सर्वेक्षण दल को मुख्य वन संरक्षक, ग्वालियर वृत्त और मुरैना के वनमंडलाधिकारी ने गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह सर्वेक्षण चंबल नदी क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण, प्रबंधन एवं वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सर्वेक्षण दल में वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ राजस्थान वन विभाग के प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह एवं फील्ड स्टाफ भी शामिल हैं। सर्वेक्षण दल निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल, मगरमच्छ सहित अन्य जलीय जीवों तथा स्थानीय, प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की गणना करेगा।
इस अवसर पर अधीक्षक, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, श्योपुर संदीप वास्कले, गेम रेंज ऑफिसर, सबलगढ़ दीपक शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
ड्रोन स्क्वाड से होगी वन और वन्य जीवों की निगरानी, धार वन मंडल में विशेष ड्रोन स्क्वाड गठित
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने गुरुवार को बताया कि वन एवं वन्यजीवों की प्रभावी निगरानी और संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य सेधार वनमंडलद्वारा एक विशेषड्रोन स्क्वाड का गठन किया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस यह पहल वन प्रबंधन और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई को सक्षम बनाएगी।
ड्रोन स्क्वाड में दो उन्नत ड्रोन, पर्याप्त बैटरी बैकअप और आपात स्थितियों में टीम की त्वरित तैनाती के लिए एक समर्पित वाहन शामिल है। टीम का नेतृत्व उप वनपाल स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है। इसमें दो वन रक्षक और एक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर की तैनाती भी की गई है।
यह ड्रोन स्क्वाड वनाग्नि की समय पर पहचान एवं निगरानी, मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर नजर रखने, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा वानिकी कार्यों के प्रभावी दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल से वन एवं वन्यजीव संरक्षण की प्रक्रिया अधिक सक्षम बनेगी, साथ ही वन प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

