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सीजीडी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे आवेदन और पीएनजी कनेक्शन की करें सतत मॉनीटरिंग: रश्मि अरुण शमी

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सीजीडी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे आवेदन और पीएनजी कनेक्शन की करें सतत मॉनीटरिंग: रश्मि अरुण शमी


- अपर मुख्य सचिव ने सीजीडी संस्थाओं, ऑयल कम्पनी एवं जिला आपूर्ति अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए निर्देश

भोपाल, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाएँ अगले तीन माह में दिये जाने वाले पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य निर्धारित करें। साथ ही सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरुद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनीटरिंग की जाए।

यह निर्देश मप्र की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने शनिवार को सीजीडी संस्थाओं, ऑयल कम्पनी एवं जिला आपूर्ति अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में दिए। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस को दिये। उन्होंने भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सीजीडी संस्थाओं को पाइप-लाइन अपलोड करने के निर्देश दिये गये।

एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा कि सीजीडी संस्थाएँ जिलेवार एवं लोकेलिटीवाइज कैम्प शेड्यूल कर जिला प्रशासन एवं विभाग को उपलब्ध करायें। शहर के जिन स्थानों में पाइप-लाइन गई है, उसके आस-पास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ऑयल कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये तत्काल आवेदन करें। इसके बाद पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 3 माह में एलपीजी का कनेक्शन बंद किया जा सकता है।

जिला आपूर्ति अधिकारियों को एमपीआईडीसी के जिला अधिकारी, जिले में स्थित पॉलीटेक्निक तथा आईटीआई से प्रशिक्षणार्थियों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। एसीएस ने कहा कि सीजीडी संस्था द्वारा इन प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान वेण्डर के साथ क्लब कर मैन पॉवर बढ़ाया जाएगा।

पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे।

केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये 5 विभागों नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है।

सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड - इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड - देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड - धार (07292-223311), थिंक गैस - भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल - गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल - मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. - रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।

कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा कि एलपीजी बुकिंग करने के बाद कितने दिन में डिलेवरी होगी, इस संबंध में उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजना सुनिश्चित करें। प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2593 स्थानों पर जांच की गई है और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 583 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत् आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु

प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर