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कैबिनेटः मप्र के 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, विकास कार्यों के लिए 19, 810 करोड़ रुपये स्वीकृत

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कैबिनेटः मप्र के 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, विकास कार्यों के लिए 19, 810 करोड़ रुपये स्वीकृत


कैबिनेटः मप्र के 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, विकास कार्यों के लिए 19, 810 करोड़ रुपये स्वीकृत


- मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल, 13 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई, जिसमें मंत्रि-परिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने प्रदेश छह जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है।

उन्‍होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं, लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बीओटी मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये, बीओटी परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और मप्र सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रुपये सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

मंत्री पटेल ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं, प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पॉवर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है।

राज्यमंत्री पटेल ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

आठ नये वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गयी है। मैहर, मउगंज, पांढुर्णा, धार में मनावर और पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया और सांवेर एवं झाबुआ में पेटलावद में नये वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जायेगा।

छह जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी

मंत्री पटेल ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर