ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाभाव और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें बॉन्ड डॉक्टर्स: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
- उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नवागत बॉन्ड डॉक्टर्स को उनके दायित्वों का विधिवत ओरिएंटेशन देने के दिए निर्देश
भोपाल, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सागर जिले में पदस्थ बॉन्ड डॉक्टर्स से संवाद किया। उन्होंने चिकित्सकों को ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे मनोयोग, सेवाभाव और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव चिकित्सकों को न केवल बेहतर डॉक्टर बनाएगा, बल्कि भविष्य में उनके व्यावसायिक जीवन में भी यह अनुभव अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सागर जिले में 61 बॉन्ड डॉक्टर्स की पदस्थापना की गई है। उनके पदस्थ होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। चिकित्सकों के आने से क्षेत्र के नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में आशा एवं उत्साह का वातावरण है। चिकित्सक अपने कार्य, व्यवहार और सेवाभाव से इस विश्वास को बनाए रखें तथा नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
नवागत बॉन्ड डॉक्टर्स को दिया जाए ओरिएंटेशन
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी नवागत बॉन्ड डॉक्टर्स को उनके दायित्वों, कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन के संबंध में व्यवस्थित ओरिएंटेशन दिया जाए। उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, जाँच सेवाओं, एम्बुलेंस व्यवस्था, रेफरल प्रक्रिया तथा शासन के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जाए, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुँचाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ। नागरिकों को यह जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें किस स्वास्थ्य केंद्र पर कौन-कौन सी सुविधाएँ मिल सकती हैं और आवश्यकता पड़ने पर वे किस प्रकार इनका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का करें प्रभावी क्रियान्वयन
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बॉन्ड डॉक्टर्स को एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों की सफलता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुँचाना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन करें। क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, उपचार में आने वाली बाधाओं तथा स्वास्थ्य संकेतकों की स्थिति को समझें। यदि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कहीं कोई कमी, समस्या अथवा सुधार की आवश्यकता दिखाई देती है, तो उसे चिह्नित कर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाएँ, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
सीएचओ, आशा एवं एएनएम के साथ करें नियमित संवाद
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए मैदानी अमले के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है। बॉन्ड डॉक्टर्स सीएचओ, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ नियमित संवाद करें। स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए समन्वित प्रयास करें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित एएनसी जाँच, सुरक्षित प्रसव तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समय पर जाँच, उचित परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने से मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में सुधार लाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
बीएमओ और सीएमएचओ नियमित रूप से करें स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए कि संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) सप्ताह में एक बार अपने क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों, मानव संसाधन, दवाओं, जाँच सुविधाओं तथा कार्यप्रणाली से संबंधित कमियों को चिह्नित किया जाए। नवागत बॉन्ड डॉक्टर्स को इन कमियों के निराकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए कि वे माह में एक बार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की समीक्षा करें। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सकों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने, सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने और सेवाभाव को प्रोत्साहित करने में वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बॉन्ड डॉक्टर्स का मार्गदर्शन किया जाए तथा उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने उपलब्ध स्वास्थ्य अधोसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
बॉन्ड डॉक्टर्स ने साझा किए अपने अनुभव
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करना समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण अवसर है। संवेदनशीलता, समर्पण, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए चिकित्सक आम नागरिकों का विश्वास अर्जित करें। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। बॉन्ड डॉक्टर्स इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। बॉन्ड डॉक्टर्स ने अपने कार्यक्षेत्र में पदस्थापना के अनुभव साझा किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर प्रतिभा पाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिले में पदस्थ बॉन्ड डॉक्टर्स शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

