home page

भोपालः विद्युत चोरी के मामले में दो वर्ष का कारावास और 11.16 लाख रुपये का सिविल दायित्व

 | 
भोपालः विद्युत चोरी के मामले में दो वर्ष का कारावास और 11.16 लाख रुपये का सिविल दायित्व


भोपाल, 13 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सिकंदरी सराय क्षेत्र के पास जुनेरती, नियर लक्ष्मी टॉकीज क्षेत्र में विद्युत चोरी के प्रकरण में विशेष न्यायाधीश दीपक बंसल(विद्युत अधिनियम) की न्यायालय ने आरोपी मोहम्मद जावेद पुत्र नवाब खान को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135(1)(ए) के अंतर्गत दोष सिद्ध किया गया है।

न्यायालय ने प्रकरण में विद्युत ऊर्जा की वास्तविक क्षति ₹5.58 लाख आंकी है। विद्युत अधिनियम की धारा 154(5) के अंतर्गत सिविल दायित्व वास्तविक क्षति की दोगुनी राशि के आधार पर निर्धारित किया जाता है। न्यायालय द्वारा आरोपी पर ₹11.16 लाख का सिविल दायित्व निर्धारित किया गया है।

जनसम्पर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष विद्युत न्यायालय द्वारा आरोपी को आदेशित किया गया है कि वह 60 दिवस की अवधि में ₹11.16 लाख की सिविल दायित्व राशि का भुगतान करे। निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं करने पर देय राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से अतिरिक्त ब्याज का भुगतान भी करना होगा।

विशेष विद्युत न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्यों, परिस्थितियों, अपराध की प्रकृति तथा चोरी की गई विद्युत ऊर्जा की राशि को समग्र रूप से दृष्टिगत रखते हुए आरोपी मोहम्मद जावेद को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135(1)(ए) के सिद्धदोष अपराध में 02 वर्ष के साधारण कारावास एवं ₹1,000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को 15 दिवस का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

उल्लेखनीय है कि विद्युत चोरी के प्रकरणों में विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक दंड के साथ-साथ सिविल दायित्व भी निर्धारित किया जाता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन का उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की विद्युत चोरी या अनियमितता से बचें। विद्युत चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था की गुणवत्ता एवं सुरक्षा भी प्रभावित होती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर