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भोपालः साध्वी रंजना दीदी से जुड़े कार विवाद को लेकर पाटीदार समाज का प्रदर्शन, धर्मांतरण की दी चेतावनी

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भोपालः साध्वी रंजना दीदी से जुड़े कार विवाद को लेकर पाटीदार समाज का प्रदर्शन, धर्मांतरण की दी चेतावनी


भोपाल, 03 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साध्वी रंजना दीदी से जुड़ा कार विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। अब पाटीदार समाज ने चेतावनी दी है कि उसके सदस्यों पर दर्ज केस रद्द नहीं किया गया और उनकी ओर से साध्वी के खिलाफ एफआईआर नहीं की गई तो वे धर्म परिवर्तन पर करने पर मजबूर होंगे।

पाटीदार समाज, ओबीसी मोर्चा और सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को भोपाल के मिसरोद में मांगलिक भवन में इकट्ठे हुए और जोदरार प्रदर्शन किया। इस दौरान “जय श्री राम” के नारे लगाए गए और बाद में कलेक्टर और कमिश्नर के नाम एसीपी को ज्ञापन सौंपा गया।

समाज के पदाधिकारी अजय पाटीदार ने कहा कि हमारे लोगों को “जिहादी” और “अराजक तत्व” कहकर अपमानित किया गया है। उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए गए हैं। यह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि यदि हमें हिंदू समाज का हिस्सा नहीं माना जाता तो समाज सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करने को भी मजबूर होगा।

अजय पाटीदार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर एकपक्षीय कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले को सामान्य घटना बताने के बावजूद गंभीर धाराएं लगाई गईं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई स्पष्ट कर सकते हैं।

गौरतलब है कि निरंजन अखाड़े से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी गत 25 फरवरी को अपने भाई-बहन के साथ कार से जा रही थीं। मिसरोद थाने के पास कट पॉइंट पर सामने से आई गाड़ी के कारण उनकी कार ट्रैफिक में फंस गई और जाम लग गया। गुस्से में साध्वी कार से उतरीं और सामने वाली कार के ड्राइवर को तमाचा मार दिया। इसके बाद स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और साध्वी की कार में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद साध्वी रंजना दीदी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची। साध्वी का कहना था कि कार चालक उन्हें घूर रहा था। उसने गलत इशारे किए इसलिए गुस्से में उन्होंने उसे तमाचा मार दिया।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मिसरोद थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। ये सभी पाटीदार समाज के सदस्य हैं। समाज का आरोप है कि हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दौरान उन्हें “जिहादी” और “अराजक तत्व” कहा गया।

पाटीदार समाज के सदस्य अजय पाटीदार के अनुसार घटना की शुरुआत सिंगल रोड पर दो गाड़ियों के आमने-सामने आने से हुई। उनका कहना है कि पहले साध्वी रंजना और देवेश श्रीवास्तव नामक व्यक्ति के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान पीछे से आ रहे विजय पाटीदार ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों से वाहन आगे-पीछे कर रास्ता खाली करने की बात कही।

अजय पाटीदार का आरोप है कि इसी बात पर साध्वी रंजना गाड़ी से उतरीं और विजय पाटीदार को तमाचा मार दिया। उनके मुताबिक इसी थप्पड़ की घटना के बाद माहौल बिगड़ा और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। समाज का कहना है कि इसके बाद पूरे घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से पेश किया गया, जिसके विरोध में पाटीदार समाज संगठित होकर सामने आया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर