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भोपालः दुकानों की सीलिंग के खिलाफ आज बड़ा आंदोलन, पांच हजार व्यापारी होंगे शामिल

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भोपालः दुकानों की सीलिंग के खिलाफ आज बड़ा आंदोलन, पांच हजार व्यापारी होंगे शामिल


भोपाल, 26 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में संचालित दुकानों के खिलाफ की जा रही सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ आज बुधवार में व्यापारियों का बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। इसमें जिलेभर से करीब 5 हजार से अधिक कारोबारी शामिल होंगे।

भोपाल में दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई से नाराज भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं, ताकि नियमों के दायरे में रहते हुए प्रभावित क्षेत्रों में कारोबार जारी रखा जा सके।

व्यापारियों के आंदोलन का पहला चरण आज सुबह 11 बजे शुरू होगा। प्रदर्शन का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने किया जाएगा। चैंबर के अनुसार, व्यापारी करीब दो घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान रामधुन का आयोजन किया जाएगा और दोपहर करीब 1 बजे तक प्रदर्शन चलेगा। व्यापारियों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करना है। महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रार्थना के जरिए सरकार से इस मामले में स्थायी समाधान निकालने की अपील की जाएगी।

चैंबर ने पहले चरण के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारियों के शामिल होने की बात कही है। संगठन के मुताबिक भोपाल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से व्यापारी मिंटो हॉल पहुंचेंगे। व्यापारियों का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई का असर केवल दुकान संचालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे कारोबारियों और उन परिवारों की आय भी प्रभावित हो सकती है, जिनकी रोजी-रोटी इन व्यवसायों से जुड़ी है। इसी वजह से चैंबर इस मामले को केवल दुकानों की कार्रवाई का मुद्दा नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार से जुड़ा विषय भी बता रहा है।

आंदोलन के दौरान व्यापारियों की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें औपचारिक रूप से रखी जाएंगी। चैंबर पदाधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री को मांग पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखने की तैयारी में है। संगठन चाहता है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे व्यापारियों और प्रशासन के बीच लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकाला जा सके।

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के मुताबिक, आज का प्रदर्शन आंदोलन का शुरुआती चरण होगा। यदि सरकार और प्रशासन की ओर से व्यापारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जा सकता है।

व्यापारी संगठन का दावा है कि भोपाल में छोटे-बड़े कारोबारियों की संख्या एक लाख से अधिक है। वहीं नगर निगम की कार्रवाई के दायरे में बड़ी संख्या में दुकानों के आने की बात कही जा रही है। गोविंद गोयल के अनुसार करीब 60 हजार व्यापारियों को नोटिस दिए जाने का दावा किया जा रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि यदि बड़ी संख्या में दुकानों पर कार्रवाई होती है तो इसका सीधा असर रोजगार और कारोबार पर पड़ेगा। संगठन का कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए, ताकि कारोबार अचानक बंद होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो।

व्यापारियों की क्या है मुख्य मांग?

व्यापारी संगठन चाहता है कि रहवासी क्षेत्रों में व्यवसाय से जुड़े नियमों को लेकर सरकार व्यावहारिक समाधान निकाले। इसके लिए मास्टर प्लान में आवश्यक प्रावधान, मल्टी लेवल कमर्शियल व्यवस्था या अन्य वैकल्पिक उपाय तलाशने की मांग की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई क्षेत्र पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं है तो सरकार उन्हें ऐसी जगह उपलब्ध कराने पर भी विचार करे, जहां वे नियमों के अनुसार कारोबार जारी रख सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर