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मप्र में भावांतर योजना के तहत आज से प्रारंभ होगा सरसों का उपार्जन

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मप्र में भावांतर योजना के तहत आज से प्रारंभ होगा सरसों का उपार्जन


भोपाल, 23 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की उपार्जन प्रक्रिया आज सोमवार से प्रारंभ हो रही है। राज्य की अधिसूचित मंडियों में आगामी 30 मई तक किसान अपनी सरसों की उपज बेच सकेंगे।

दरअसल, राज्य शासन ने सरसों उत्पादक किसानों को सरसों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भावांतर योजना प्रारंभ की है। इसके लिए सरसों उत्पादक किसानों द्वारा 26 फरवरी से 20 मार्च तक ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर पंजीयन किया जा चुका है।

शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार भावांतर योजना अंतर्गत किसानों के सरसों के पंजीकृत रकबे एवं औसत उत्पादकता के मान से पंजीकृत किसान को उसकी पात्रता अनुसार लाभ प्राप्त होगा। भारत सरकार की भावांतर योजना की गाइडलाइन अनुसार भारत सरकार द्वारा राज्य के 40 प्रतिशत उत्पादन तक तथा 15 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य की कमी तक प्रदान की जाने वाली राशि प्रदान की जाएगी।

योजनांतर्गत प्रथम दो सप्ताह में किए गए विक्रय के लिए मॉडल रेट का निर्धारण सीजन के प्रथम 14 दिवस की अवधि में प्रदेश की समस्त मंडियों में सरसेां के विक्रय मूल्य का Weighted Average मानकर निर्धारित किया जाएगा। आज उपार्जन की प्रक्रिया शुरू होने से 14 दिवस तक यह मॉडल रेट समस्त प्रदेश में प्रभावशील होगा। उसके उपरांत सरसों विक्रय की दिनांक से पहले 14 दिनों की अवधि में प्रदेश की समस्त मंडियों में सरसों के विक्रय मूल्य का Weighted Average मानकर प्रतिदिन मॉडल रेट का निर्धारण किया जाएगा। प्रतिदिन का मॉडल रेट, मध्यरात्रि 12.00 बजे से E-Mandi Portal पर प्रदर्शित किया जाएगा।

यदि अधिसूचित मंडी में एफएक्यू मानक की सरसों का बिक्री मूल्य एमएसपी से कम हो और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य से अधिक है, तो किसान को केवल एमएसपी और वास्तविक विक्रय मूल्य के अंतर की राशि प्रदान की जाएगी। यदि अधिसूचित मंडी में सरसों का बिक्री मूल्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य से कम हो, तो भी किसान को एमएसपी और घोषित औसत थोक मूल्य के अंतर की राशि ही प्रदान की जाएगी।

योजना अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान द्वारा अधिसूचित मंडी में बोनी के सत्यापित क्षेत्रफल तथा उत्पादकता के मान से उत्पादन की मान्य सीमा तक नियत विक्रय अवधि में विक्रय करने पर भारत सरकार द्वारा भावांतर योजना में नियत प्रावधान अनुसार, पात्रता के अनुसार भावांतर की राशि लाभान्वित किसानों को प्रदान की जायेगी तथा शेष राशि राज्य सरकार द्वारा टॉप-अप कर प्रदान की जायेगी। कृषक को उसकी उपज की मंडी में खुली नीलामी में प्राप्त राशि संबंधित व्यापारी द्वारा 01 दिवस तथा भावांतर की राशि राज्य शासन द्वारा 15 दिवस में किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे स्थानांतरित की जाएगी।

भोपाल संभाग में 74.68% किसानों का सत्यापन हुआ पूरा

मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड, आंचलिक कार्यालय भोपाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सरसों भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत भोपाल संभाग में अब तक कुल 19,657 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनमें से 14,679 किसानों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। संभाग में कुल सत्यापन प्रतिशत 74.68 दर्ज किया गया है, जबकि 4,978 प्रकरण अभी लंबित हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर