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बालाघाट: ग्राम कुंडेकसा और बोंदारी में बुखार से तीन बच्चों की मौत, मौके पर पहुंचr स्वास्थ्य अधिकारी

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बालाघाट: ग्राम कुंडेकसा और बोंदारी में बुखार से तीन बच्चों की मौत, मौके पर पहुंचr स्वास्थ्य अधिकारी


- घर-घर जाकर की जा रही स्वास्थ्य जांच, कलेक्टर के निर्देश पर लगाया गया स्वास्थ्य शिविर

- ग्रामीणों से झाड़-फूंक के बजाय चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील

बालाघाट, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की बिरसा तहसील की ग्राम पंचायत अडोरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंडेकसा एवं बोंदारी में पिछले 15 दिनों में वायरल बुखार के कारण तीन बच्चों की जान चली गई। इन दोनों गांवों में 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं।

बच्चों के बीच बीमारी फैलने की सूचना के बाद कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार शुरू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि दूर-दराज इलाका होने की वजह से ग्रामीणों को समय पर इलाज और सही स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। गांव में फैले इस बुखार से गत 22 तारीख को 3 साल की छोटी बच्ची प्रीति मरकाम ने दम तोड़ दिया। इससे करीब दो हफ्ते पहले एक ही घर के दो भाई-बहन, 13 साल के लम्बिया धुर्वे और एक साल के संतोष धुर्वे की एक-एक दिन के अंतर पर मौत हो गई थी।

जानकारी मिलने के बाद गांव पहुंची विभाग की टीम घर-घर जाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। गत दिवस बैहर के एसडीएम श्रीश कुमार प्यासी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलव ने ग्राम कुंडेकसा एवं बोंदारी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की तथा बुखार से पीड़ित लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराकर उनका उपचार प्रारंभ किया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलव ने शुक्रवार को बताया कि गांव में कुछ लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक घर पहुंचकर सभी लोगों की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग की एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं खंड चिकित्सा अधिकारी की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार दोनों गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

डॉ. उपलव ने स्पष्ट किया कि ग्राम कुंडेकसा एवं बोंदारी में किसी भी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बुखार या अन्य बीमारी होने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय आशा कार्यकर्ता अथवा स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर चिकित्सकीय उपचार लें। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, ताजा एवं स्वच्छ भोजन करने, बासी भोजन से परहेज करने, पानी उबालकर पीने, घरों के आसपास साफ-सफाई रखने तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी है।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत अडोरी के बोंदारी (कोहनीमोर) में दो सप्ताह पूर्व दो बच्चों तथा 22 जुलाई की रात्रि ग्राम कुंडेकसा में एक बच्चे की मृत्यु हुई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ दोनों गांवों में लगातार निगरानी एवं उपचार कार्य कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर