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मप्रः बाघ की तस्करी करने वाली अंतरराष्ट्रीय महिला तस्कर यांगचेन की जमानत याचिका निरस्त

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मप्रः बाघ की तस्करी करने वाली अंतरराष्ट्रीय महिला तस्कर यांगचेन की जमानत याचिका निरस्त


भोपाल, 01 मई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय स्तर की वन्य जीव बाघ की तस्करी करने की आरोपी यांगचेन लाचुंगपा की जमानत याचिका निरस्त कर दी गई है। स्टेट टाइगर फोर्स भोपाल द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर मप्र उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी तस्कर की जमानत निरस्त की गई है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने 10 साल से वांछित, अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को 2 दिसम्बर, 2025 को भारत-चीन की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लाचुंग, मंगन जिला उत्तर सिक्किम से कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने बताया कि आरोपी यांगचेन के विरुद्ध जुलाई-2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों व पोंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध 13 जुलाई, 2015 को प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें आरोपी यांगचेन लाचुंगपा वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता के कारण वन विभाग ने इसे स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिये सौंप दिया था। एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें अभी तक कुल 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों में यांगचेन अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका नेटवर्क भारत, भूटान और चीन तक फैला हुआ है।

आरोपी यांगचेन के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा आरोपी यांगचेन के विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया है। यांगचेन मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है और भारत में मुख्यत: दिल्ली एवं सिक्किम राज्यों में रहती है। यांगचेन को सितम्बर-2017 में पकड़ कर ट्रांजिट रिमाण्ड के लिये पेश किया गया था, लेकिन न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गई। इसकी अग्रिम जमानत को मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी वर्ष 2019 में खारिज कर दिया था।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव (एसटीएसएफ) ने बताया कि प्रकरण में शामिल आरोपी यांगचेन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में पहली बार जमानत याचिका वर्ष 2026 में दायर की, जिसे उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा स्टेट टाइगर फोर्स भोपाल द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलों एवं आरोपी की वन्य-प्राणियों की तस्करी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से संबद्ध होकर अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकृति के आधार पर इनकी जमानत निरस्त कर दी गई है। प्रकरण में विवेचना जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर