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मप्रः कछुओं की तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका दूसरी बार निरस्त

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मप्रः कछुओं की तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका दूसरी बार निरस्त


- इंदौर जिला न्यायालय ने साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका के चलते याचिकी की निरस्त

भोपाल, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ प्रजाति के संरक्षित कछुओं की अंतरराज्यीय तस्करी के आरोपी बिलाल कादरी शाह की जमानत याचिका इंदौर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने दूसरी बार निरस्त कर दी है। न्यायालय ने जमानत देने पर आरोपी द्वारा साक्ष्यों को प्रभावित किए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने मंगलवार को बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्य प्रदेश की क्षेत्रीय इकाई इंदौर ने संरक्षित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई की थी। इस दौरान दो आरोपियों से दुर्लभ प्रजाति के 30 कछुए जब्त किए गए थे। इस मामले में 19 अगस्त 2026 को वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। प्रकरण में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।

प्रकरण में गिरफ्तार इंदौर निवासी 27 वर्षीय बिलाल कादरी शाह, पिता गुलाम शाह, ने न्यायालय में दूसरी जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि प्रकरण में विचारण न्यायालय के समक्ष परिवाद पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है। इंदौर स्थित विशेष न्यायालय क्रमांक-7 (विद्युत अधिनियम) में सुनवाई के दौरान स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की ओर से अभियोजन के माध्यम से आपत्ति प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए माना कि केवल परिवाद पत्र प्रस्तुत किया जाना जमानत स्वीकार करने के लिए परिस्थितियों में पर्याप्त परिवर्तन नहीं है। साथ ही, आरोपी को जमानत दिए जाने पर साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका है, इसलिये आरोपी की दूसरी जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर