विधानसभा की भूमिका मां की तरह, हम अपने दायित्व को समझें: नरेन्द्र सिंह तोमर
- विधानसभा में हुई नवगठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक
भोपाल, 07 अप्रैल (हि.स.)। विधानसभा की भूमिका मां की तरह होती है। जिस तरह मां अपने बच्चे को जन्म देती है, उसका लालन−पालन कर उसे देश के हित में तैयार करने की कल्पना करती है, ठीक उसी तरह हम भी विधानसभा को मां की भूमिका में देखेंगे तो हम भी अपने दायित्व को उसके संपूर्ण रूप में देख पाएंगे। अपनी भूमिका के बारे में सोच पाएंगे।
यह बात मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026−27 के लिए नवगठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विधानसभा के बारे में जब हम विचार करते हैं तो तरह−तरह के विचार आते हैं। अगर सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा है तो पंचायत व नगरीय निकाय छोटी इकाई हैं। विधानसभा पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। यदि मां विधानसभा के सदस्य के रूप में हम सभी के विचार में प्रदेश की आठ करोड़ जनता के कल्याण का ख्याल नहीं आता है तो हमारी भूमिका अधूरी है। हमें इस अधूरी भूमिका को पूर्ण करने का कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थिति थे।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश के विधायी इतिहास में विधानसभा की समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मगर बीते कुछ वर्षों में कुछ सदस्य लगातार इन समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। एक वर्ष में कम से कम 12 बैठकें होने की अपेक्षा है। समिति की बैठक होने से विधानसभा के कार्य व्यवहार में सुधार की संभावना होगी। समितियों की बैठक का यदि परिणाम नहीं भी निकलता है तो भी अध्ययन प्रक्रिया से हमारा ज्ञान समृद्ध होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसदीय परंपरा के पालन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विधानसभा में कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार कुछ सदस्य दायरे के बाहर जाकर कार्य कर जाते हैं। सकारात्मक आलोचना का स्वागत है लेकिन इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं होता। ऐसे में संसदीय समितियों का बड़ा महत्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय ज्ञान व नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाहियां संसदीय इतिहास की परंपरा को समृद्ध करेगी।
समितियों की संयुक्त बैठक को संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन प्राक्कलन समिति के सभापति अजय विश्नोई ने किया। इस बैठक में मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 21 समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं सचिवालय के अधिकारीगण उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

