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मप्र विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, उज्जैन जमीन खरीदी मामले को लेकर विपक्ष का हंगामा

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मप्र विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, उज्जैन जमीन खरीदी मामले को लेकर विपक्ष का हंगामा


- श्रद्धांजलि को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

भोपाल, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की सोमवार को हंगामे के साथ शुरुआत हो गई है। पहले ही दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन में जमीन खरीदी का मामला उठाते हुए मांग की, जिसका भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने विरोध किया। इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

मप्र के विधानसभा में मानसून सत्र की शुरुआत में पूर्व विधायक अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौज, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, सुप्रसिद्ध शायर बशीर बद्र और पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोक-झोंक हुई।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बरगी क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। नीट परीक्षार्थी अव्यवस्था के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हुए, किंतु उनका नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं किया गया। हम ऐसे लोगों को भी श्रद्धांजलि देते हैं।

इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विधानसभा सचिवालय पर टिप्पणी है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने ऐसी गलती क्यों की है?

विजयवर्गीय ने कहा कि सिंघार ने एक गलत परंपरा चालू कर दी है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा का सचिवालय सभी सदस्यों का है। अगर उनके पास कोई बड़ी घटना की जानकारी होती है तो वे सचिवालय को सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले जानकारी दे सकते हैं, ताकि ऐसे लोगों के नाम भी जोड़े जा सकें।

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन में जमीन खरीदी का मामला उठाया। इस पर चर्चा की मांग की, जिसका बीजेपी विधायकों और मंत्रियों ने विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह मुद्दा स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा में नहीं लाया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस विधायक गर्भगृह के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस मुद्दे पर नियम 139 के अंतर्गत चर्चा करेंगे। जवाब में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव सिंहस्थ की जमीन छीनने को लेकर और मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा जमीन खरीदी को लेकर है। इस पर चर्चा कराई जाए। जब कांग्रेस के विधायकों ने शोर-शराबा खत्म नहीं किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले सत्र के पहले दिन कांग्रेस के विधायक सत्ता पक्ष के नेताओं के मुखौटे पहनकर पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे लगाए कांग्रेसियों ने गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर