मप्रः नगरीय विकास विभाग में वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्यहीनता पर कार्यवाही
भोपाल, 04 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राज्य शासन के जनहितैषी संकल्पों के अनुरूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शासकीय कार्यों में शुचिता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत कड़े कदम उठाए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित जांच प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के पश्चात दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अत्यंत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
गुरुवार की गई इस कार्रवाई के अंतर्गत वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि एवं राजस्व के गबन तथा कोरोना काल में सामग्री क्रय में बरती गई शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए संबंधितों को कड़ा दंड दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग और शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई के अंतर्गत नगर परिषद नगौद में स्टॉप डेम निर्माण कार्य में गंभीर विसंगतियां पाए जाने पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय को प्रथम दृष्टया उत्तरदायी ठहराते हुए 'परिनिंदा' से दंडित किया गया है, जिसके फलस्वरूप वे आगामी एक वर्ष तक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार, नगर परिषद जैतहरी (जिला अनूपपुर) में वैश्विक महामारी कोरोना के लॉकडाउन काल में सामग्री क्रय में वित्तीय नियमों की अवहेलना करने पर तत्कालीन भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक सह लेखपाल रजनीश लहंगीर तथा तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की चार-चार वार्षिक वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
जैतहरी में ही शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि एवं आय को क्षति पहुंचाने के कृत्य में संलिप्तता सिद्ध होने पर राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी तथा प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह की आगामी दो-दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं।
शासकीय सेवा से निवृत्त हो चुके कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए विभाग ने नगर परिषद जैतहरी के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम मिलन तिवारी को भूमि संबंधी गड़बड़ियों में दोषी पाते हुए उनकी देय पेंशन से 10 प्रतिशत तथा कोरोना काल की अन्य अनियमितता के लिए 20 प्रतिशत राशि की स्थायी रूप से कटौती करने की गंभीर कार्रवाई की है।
इसके अतिरिक्त, नगर परिषद पिपलौदा में नीलामी प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय विसंगतियों हेतु प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण पाठक की तीन वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। नगर पालिका परिषद शहडोल में मोहनराम मंदिर तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उपयंत्री देव कुमार गुप्ता एवं तत्कालीन सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा की आगामी तीन-तीन वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। इसी श्रृंखला में, तालाब संरक्षण योजना के तहत नगर पालिका परिषद धार के देवीसागर तालाब निर्माण में शिथिलता के लिए तत्कालीन उपयंत्री सुधीर ठाकुर एवं सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है।
प्रशासनिक अनुशासन की अवहेलना करने पर सोयतकलां नगर परिषद (जिला आगर मालवा) के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार पांचाल द्वारा माधव चौक स्थित भूखंड मामले में शासन को 9 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने पर उन्हें राजस्व निरीक्षक के पद से पदावनत कर उप राजस्व निरीक्षक बना दिया गया है। साथ ही, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के यांत्रिकी प्रकोष्ठ में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ शेखर ठाकुर को दीर्घकालिक अनाधिकृत अनुपस्थिति और गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा शिथिलता को कतई सहन नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी जनहित में दोषियों के विरुद्ध ऐसी दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

