मप्रः विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के लिए 4 करोड़ 59 हजार रुपये से अधिक की राशि जारी
भोपाल, 17 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य को सुदृढ़ वित्तीय संबल प्रदान करने के ध्येय से शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' में 4 करोड़ 59 हजार 284 रुपये की राशि जारी की गई है।
विभाग के आयुक्त डॉ. सतेन्द्र सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से राज्य के नौ मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में उच्च अध्ययन के लिए समयबद्ध रूप से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है, जिससे ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने बताया कि राज्यमंत्री कृष्णा गौर की संवेदनशीलता, सुदृढ़ मंशा एवं मार्गदर्शन के अनुरूप विभाग पिछड़े वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक उन्नयन के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि चयनित विद्यार्थियों को शिक्षण शुल्क, आवास व्यवस्था तथा परिवहन भत्ते सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कुल 4 करोड़ 59 लाख 284 रुपये की राशि अंतरित कर दी गई है। यह विभाग की एक अत्यंत महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को विश्व के प्रमुख विश्वविद्यालयों में अध्ययन का सुअवसर प्राप्त होता है तथा इसका संपूर्ण आर्थिक भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।
आयुक्त डॉ. सतेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार का यह समयानुकूल कदम पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के मध्य उच्च शिक्षा के प्रति नए उत्साह एवं विश्वास का संचार करने तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वावलंबी बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। विभाग की इस पारदर्शी एवं समयानुसार कार्यप्रणाली से प्रदेश की विलक्षण प्रतिभाएं वैश्विक क्षितिज पर अपनी दक्षता सिद्ध कर सकेंगी, जिससे न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार तैयार होगा बल्कि राज्य के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा प्राप्त होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

