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मप्रः पुलिस की ‘शक्ति कैफे’ पहल का 18वां केंद्र प्रारंभ

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मप्रः पुलिस की ‘शक्ति कैफे’ पहल का 18वां केंद्र प्रारंभ


भोपाल, 22 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग एवं जेंडर-रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग के अंतर्गत अपराध एवं हिंसा से प्रभावित, संघर्षरत तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही महिलाओं को स्वावलंबन का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘शक्ति कैफे’ पहल के अंतर्गत मंगलवार को भोपाल में 18वें शक्ति कैफे का शुभारंभ किया गया।

यह शक्ति कैफे जीआरपी मुख्यालय के समीप संचालित किया जा रहा है। इसी अवसर पर परिमल कैंटीन का भी शुभारंभ किया गया।

शक्ति कैफे की परिकल्पना वर्ष 2022 में ‘सेफ स्पेसेज फॉर वूमेन इन अर्बन एरिया’ तथा ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ जैसी अवधारणाओं के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो घरेलू हिंसा अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण संघर्ष कर रही हैं और अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित करते हुए आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। पुलिस थानों अथवा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों के समीप इन कैफे को संचालित करने से महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ पुलिस सहायता तक सहज पहुंच का भरोसा भी मिलता है।

डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग विनीत कपूर ने बताया कि शक्ति कैफे का मूल उद्देश्य अपराध एवं हिंसा से प्रभावित महिलाओं को केवल कानूनी सहायता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने जीवन में निर्णय लेने की अधिक क्षमता प्राप्त करती है और हिंसा के चक्र से बाहर निकलने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकती है। इसी उद्देश्य से शक्ति कैफे को सामुदायिक पुलिसिंग की एक प्रभावी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। शक्ति कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें कैटरिंग, खाद्य निर्माण, स्वच्छता एवं हाइजीन से संबंधित प्रशिक्षण भी शामिल है। कुछ महिलाओं द्वारा अपने ऋण का समय से पूर्व भुगतान कर आत्मनिर्भरता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला ने शक्ति कैफे पहल के विस्तार एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से प्रभावित व्यक्ति को सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन की ओर वापस लाने में सहयोग करना भी सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा शक्ति कैफे संचालित कर रही महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के प्रयासों की सराहना की गई। एसीपी संतोष पटेल को शाहजहानाबाद क्षेत्र की महिला को शक्ति कैफे स्थापित करने की दिशा में सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया।

शक्ति कैफे पहल के माध्यम से अनेक महिलाओं ने अपने छोटे व्यवसाय प्रारंभ किए हैं। इनमें से कुछ महिलाएं स्वयं कैफे संचालित करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य भी कर रही हैं। कार्यक्रम में ऐसी महिलाओं एवं उनके सहयोगियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पुलिस एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा ऐसी महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शक्ति कैफे मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भी इस पहल को प्रस्तुत किया गया तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के मंच पर महिला सुरक्षा एवं पर्यटन से जुड़ी अवधारणाओं के संदर्भ में इसके अनुभव साझा किए गए हैं। अब इस मॉडल को ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ पहल से जोड़कर अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों तक विस्तार देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में ऐसी बुजुर्ग एवं निराश्रित महिलाओं को भी चिन्हित करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया, जो अकेली हैं तथा जिन्हें परिवार की ओर से पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। इस दिशा में संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर