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मप्र में 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 6 जिला पंचायतों के सीईओ को किया इधर से उधर

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मप्र में 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 6 जिला पंचायतों के सीईओ को किया इधर से उधर


- विवादों में रहीं नेहा मारव्या और निधि निवेदिता को हटाया

भोपाल, 05 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 11 अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नवीन पदस्थापना की है। इनमें छह जिला पंचायतों के सीईओ को इधर से इधर किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार, 2006 बैच के आईएएस, सागर संभाग के आयुक्त अनिल सुचारी को मध्य प्रदेश भंडार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। वहीं 2008 बैच के आईएएस, उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार को सागर संभाग का आयुक्त बनाया गया है। वहीं, 2009 बैच की आईएएस अनुभा श्रीवास्तव को राजस्व विभाग का सचिव बनाया गया है। उनके पास प्रमुख राजस्व आयुक्त और भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त आयुक्त का प्रभार भी था। इसी बैच के सतेन्द्र सिंह को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के सचिव सहित कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

इन अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

2011 बैच की आईएएस नेहा मारव्या सिंह को आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं के संचालक पद से हटा दिया गया है। उनके पास मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार था। अब उन्हें मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया गया है। वहीं, 2012 बैच की आईएएस और महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बता दें कि नेहा मारव्या सिंह और निधि निवेदिता दोनों के खिलाफ उनके विभाग के कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की थी और प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा, 2012 बैच के अनुराग वर्मा को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है।

संदीप डब्ल्यूसीडी के आयुक्त, अवि प्रसाद स्वास्थ्य में अपर सचिव

2013 बैच के आईएएस मयंक अग्रवाल को विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (वीबी जीरामजी) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें समग्र नर्मदा मिशन के मिशन संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। संदीप जीआर (2013) को महिला एवं बाल विकास विभाग का आयुक्त बनाया गया है। उनके पास अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन और अन्य संबंधित जिम्मेदारियां भी रहेंगी। अवि प्रसाद (2014) को मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उन्हें लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। नेहा जैन (2018) को उज्जैन स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगर पालिक निगम, उज्जैन की अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार

सरकार ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। इनमें श्रम विभाग के सचिव रघुराज एमआर को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आदिवासी विकास आयुक्त तरुण राठी को आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं, MAPCET और आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव और प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त मंडी कुमार पुरुषोत्तम को आयुक्त उद्योग और लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सचिव शीतला पटले को श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर में कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव को ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर