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मूंग की पूरी उपज एमएसपी पर खरीदी जाए, केंद्र और राज्य सरकार तत्काल निर्णय लें : जीतू पटवारी

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मूंग की पूरी उपज एमएसपी पर खरीदी जाए, केंद्र और राज्य सरकार तत्काल निर्णय लें : जीतू पटवारी


भोपाल, 07 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक किसानों की संपूर्ण उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी पूरी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तत्काल निर्णय लें।

जीतू पटवारी ने मंगलवार काे लिखे अपने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। सरकार की नीतियों पर भरोसा कर किसानों ने अधिक निवेश के साथ रिकॉर्ड स्तर पर मूंग की खेती की, लेकिन अब समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि हरदा सहित प्रदेश के कई जिलों में किसान खरीदी व्यवस्था को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी मूंग खरीदी के दौरान सीमित उपार्जन, भुगतान में देरी और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को आंदोलन करना पड़ा था। इस वर्ष भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। उनका आरोप है कि वास्तविक उत्पादन की तुलना में खरीदी का लक्ष्य कम निर्धारित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य से कम दर पर निजी व्यापारियों को बेचने की नौबत आ सकती है।

पटवारी ने कहा कि जब केंद्र सरकार दलहन उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की बात करती है, तब किसानों की पूरी उपज की खरीदी सुनिश्चित नहीं होना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया में कई व्यावहारिक समस्याओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, खरीदी लक्ष्य वास्तविक उत्पादन के अनुरूप नहीं है, पंजीयन और स्लॉट आवंटन की प्रक्रिया में अव्यवस्थाएं हैं, खरीदी केंद्रों की संख्या और क्षमता अपर्याप्त है, गुणवत्ता परीक्षण के नाम पर किसानों को लौटाया जा रहा है तथा भुगतान प्रक्रिया में भी पारदर्शिता और समयबद्धता का अभाव है।

इन समस्याओं के समाधान के लिए पीसीसी चीफ पटवारी ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। उन्होंने प्रत्येक पंजीकृत किसान की संपूर्ण मूंग उपज का एमएसपी पर शत-प्रतिशत उपार्जन सुनिश्चित करने, खरीदी लक्ष्य बढ़ाने, खरीदी केंद्रों की संख्या और क्षमता में वृद्धि करने, पंजीयन, स्लॉट और गुणवत्ता परीक्षण संबंधी समस्याओं का जिला स्तर पर समाधान करने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा जिन जिलों में किसान आंदोलन कर रहे हैं वहां वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजकर संवाद और त्वरित निराकरण करने की मांग की।

पटवारी ने कहा कि किसान किसी अनुदान की नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित मूल्य मांग रहे हैं। यदि सरकार किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है, तो उनकी पूरी उपज का सम्मानजनक मूल्य पर उपार्जन सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका और हितों से जुड़ा विषय मानती है। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार पर होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे