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अनूपपुर: धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, बुआई पिछडी अब तक 1.20 लाख पर बुआई, 8 इंच कम वर्षा

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अनूपपुर: धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, बुआई पिछडी अब तक 1.20 लाख पर बुआई, 8 इंच कम वर्षा


अनूपपुर: धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, बुआई पिछडी अब तक 1.20 लाख पर बुआई, 8 इंच कम वर्षा


अनूपपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून की धीमी गति ने किसानों और कृषि विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष मूसलाधार बारिश के बजाय रिमझिम फुहारों से ही काम चलाना पड़ रहा है, जिससे खरीफ की खेती प्रभावित हो रही है। पानी की कमी के कारण खरीफ की बुआई अभी भी अधूरी है।

जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस मानसून सीजन में 200 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। कृषि विभाग द्वारा निर्धारित 1 लाख 90 हजार 600 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ फसलों की बुवाई हो पाई है।

कृषि विभाग के उपसंचालक अजीत कुमार सिंह ने शनिवार काे बताया कि इस वर्ष प्रदेश में मानसून का यही रुख है। कहीं भी तेज बारिश नहीं हो रही है, जिले में भी केवल रिमझिम वर्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुई लगातार बारिश के कारण किसानों ने हल्की सिंचाई व्यवस्था का उपयोग कर धान की रोपाई की है। इसी वजह से अब तक 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर पर खरीफ की बुआई संभव हो पाई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह आंकड़ा केवल 65 हजार हेक्टेयर था। सिंह ने उम्मीद जताई कि कुछ प्रतिशत कम ही सही, विभाग लक्ष्य के करीब पहुंच जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ फसल बुआई के लिए 15 अगस्त तक का समय है। यदि बारिश की कमी के कारण 1.90 लाख हेक्टेयर के पूरे लक्ष्य पर बुआई नहीं हो पाती है, तो किसानों को रामतिल और सरसों जैसी वैकल्पिक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रामतिल लगभग 60 दिनों में तैयार हो जाती है।

24 घंटे में हुई बारिश के आंकड़े

वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में कुल 6.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें कोतमा में 8.0 मिमी, बिजुरी में 1.1 मिमी, जैतहरी में 6.4 मिमी, वेंकटनगर में 6.8 मिमी, पुष्पराजगढ़ में 2.4 मिमी, अमरकंटक में 24.0 मिमी और बेनीबारी में 0.8 मिमी वर्षा शामिल है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 1306.5 मिमी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला