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मध्य प्रदेश में मानसून का सफर खत्म, अब दिन में गर्मी और रातें होंगी ठंडी, कहीं-कहीं रिमझिम बारिश के आसार

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मध्य प्रदेश में मानसून का सफर खत्म, अब दिन में गर्मी और रातें होंगी ठंडी, कहीं-कहीं रिमझिम बारिश के आसार


भोपाल, 04 अक्टूबर (हि.स.) । मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई है। 24 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 3 अक्टूबर को विदा हुआ। इस दौरान राज्य में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम है। हालांकि, मानसून की विदाई के बाद भी अक्टूबर में कहीं-कहीं रिमझिम बारिश का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा और धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 7 अक्टूबर को पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस महीने दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहने की संभावना है।

प्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था। इसके बाद महज 9 दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया था। इस बार जून में 6 दिन, जुलाई में 31 दिन, अगस्त में 31 दिन, सितंबर में 30 दिन और अक्टूबर में 2 दिन मानसून सक्रिय रहा। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन की आधिकारिक अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। इसी अवधि में दर्ज होने वाली बारिश को दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बारिश के तौर पर आंका जाता है।

मानसूनी सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच से 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं। इन संभागों में कुल मिलाकर सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे रहा। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

इसके बावजूद प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

मानसून की विदाई के बाद अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने वाला है। 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान धूप खिलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 7 अक्टूबर को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश होने की संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई के साथ अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन में धूप और गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंडक महसूस होने लगेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत