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जबलपुरः आतंकवादी हमले का मॉक ड्रिल, हाईकोर्ट में परखी गई सुरक्षा व्यवस्था

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जबलपुरः आतंकवादी हमले का मॉक ड्रिल, हाईकोर्ट में परखी गई सुरक्षा व्यवस्था


जबलपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में उच्च न्यायालय परिसर में शुक्रवार को आतंकवादी हमले की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्ट रूम में आतंकियों के कब्जे, बंधक बनाए जाने और कमांडो रेस्क्यू ऑपरेशन का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के चलते कुछ समय के लिए हाईकोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य हाईकोर्ट परिसर में संभावित आतंकवादी हमले जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, विभिन्न विभागों के समन्वय और रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल का निरीक्षण कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया, हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मॉक ड्रिल की परिकल्पना के अनुसार, एक आतंकी की पेशी के दौरान अधिवक्ता के वेश में पहुंचे हथियारबंद हमलावर सुरक्षा जांच पार कर कोर्ट रूम तक पहुंच गए। उनके साथ मौजूद एक महिला ने भी एके-47 निकालकर कोर्ट रूम में मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसी दौरान पेशी पर लाए गए आतंकी के अन्य साथी भी कोर्ट परिसर में पहुंच गए और परिदृश्य के अनुसार इंदौर से आए रजिस्ट्रार जनरल का अपहरण कर लिया।

घटना की सूचना मिलते ही विशेष कमांडो टीम, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पूरे हाईकोर्ट परिसर को घेरकर सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कार्रवाई के दौरान दो आतंकियों को मार गिराने तथा दो को जीवित गिरफ्तार करने का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक