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मंत्री सारंग ने देवास शराब कांड मामले में कांग्रेस से पूछा सवाल, क्या नकली शराब के कारोबार से चलता था पीसीसी का खर्च?

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मंत्री सारंग ने देवास शराब कांड मामले में कांग्रेस से पूछा सवाल, क्या नकली शराब के कारोबार से चलता था पीसीसी का खर्च?


भोपाल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास शराब कांड को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा है।

सारंग ने सवाल उठाया कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के खर्च, कर्मचारियों के वेतन और पार्टी के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट व माइक की व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आता था। उन्होंने पूछा कि क्या इन खर्चों का संबंध कथित नकली शराब कारोबार से था।

मंत्री सारंग ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि गंभीर मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने वाली कांग्रेस को अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर लगे आरोपों के संबंध में भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने जीतू पटवारी से पूछा कि अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं और मामले में सामने आए आरोपों पर कांग्रेस का रुख क्या है।

पीसीसी के खर्चों के स्रोत पर उठाए सवाल

मंत्री सारंग ने आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल की कांग्रेस के कार्यक्रमों में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट और माइक की व्यवस्थाओं से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन तक के खर्चों का स्रोत स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इन व्यवस्थाओं के लिए धन किन लोगों के माध्यम से जुटाया जाता था और संबंधित वित्तीय लेन-देन का विवरण क्या है। मंत्री ने कहा कि यदि इन खर्चों के वित्तीय प्रबंधन में संबंधित लोगों की भूमिका रही है, तो कांग्रेस नेतृत्व को इस बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कथित अवैध शराब कारोबार से किसी भी प्रकार के वित्तीय संबंध की आशंका की जांच साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

थिनर की खरीद से जुड़ी कड़ी की जांच का मुद्दा

मंत्री सारंग ने देवास शराब कांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अज्जू राठौर और उसके साथी गोविंद के साथ अमन कासलीवाल की कथित भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने थिनर के ड्रम की खरीद से जुड़े तथ्यों की जांच का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुलिस विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल होनी चाहिए।

जीतू पटवारी से कार्रवाई पर जवाब मांगा

मंत्री सारंग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से पूछा कि अमन कासलीवाल का नाम सामने आने के बाद पार्टी ने क्या कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के मामले में भी पारदर्शिता तथा जवाबदेही का वही मानदंड अपनाना चाहिए, जिसकी मांग वह दूसरे मामलों में करती है। मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों और प्रदेश कार्यालय के खर्चों का वित्तीय प्रबंधन किन स्रोतों से होता है। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस से भी अपने स्तर पर आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने और जांच में सहयोग करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे