झाबुआ में कानून-व्यवस्था व गोवंश वध पर सख्ती, कलेक्टर–एसपी की संयुक्त बैठक में दिए गए कड़े निर्देश
झाबुआ, 21 जनवरी (हि.स.)। मप्र के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा गोवंश वध जैसे संवेदनशील मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता कलेक्टर नेहा मीना एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने की।
इस बैठक में प्रशासन, पुलिस एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी भारत सोलंकी, प्रतिपाल सिंह महोबिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ भास्कर गाचले, एसडीओपी श्रीमती रूपरेखा यादव सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में हाल ही में मेघनगर क्षेत्र में घटित गोवंश वध की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले में गोवंश वध से जुड़े मामलों पर सतत निगरानी और पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि गोवंश प्रतिषेध अधिनियम, 2004 के अंतर्गत गठित संयुक्त दल नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी भी प्रकार की भ्रामक, अफवाहजनित या भड़काऊ जानकारी का प्रसार होता है तो उसका तत्काल खंडन किया जाए, ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर विशेष नजर रखने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मौजूद वन विभाग के अधिकारियों को वन क्षेत्रों में अवैध एवं गैरकानूनी गतिविधियों पर वन अधिनियम के तहत कड़ी निगरानी रखने और त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अवैध कटाई, तस्करी या अन्य अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त पड़ोसी जिला धार में भोजशाला से संबंधित कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए झाबुआ जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। धार जिले से लगने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार नाकाबंदी कर सघन चेकिंग करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आपसी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभागीय टीमें जमीनी स्तर तक सक्रिय रहेंगी और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेंगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

