राजगढ़ः मातृ-शिशु मृत्यु के 267 मामलों की समीक्षा, लापरवाही पर एक सप्ताह की मोहलत
राजगढ़, 12 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गहन समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर प्रतापसिंह चौहान ने की। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण की बारीकी से समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार और कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष तक के 262 शिशु मृत्यु प्रकरण सामने आए हैं। इन मामलों में मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं जिले में 5 मातृ मृत्यु प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट, उपचार संबंधी दस्तावेज और अस्पताल में मिले उपचार के आधार पर विस्तृत समीक्षा की गई। पीपीटी के जरिए ब्लॉक टीमों से मांगा जवाब जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शेख जलालुद्दीन ने पीपीटी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमों को बुलाकर पांचों मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा की। इनमें ब्यावरा का एक, राजगढ़ के दो और नरसिंहगढ़ के दो मामले शामिल हैं। मृत महिलाओं के परिजनों को भी बैठक में बुलाया गया। अधिकारियों ने उनसे महिला की शुरुआती स्वास्थ्य समस्या से लेकर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने तक की पूरी जानकारी ली। पोर्टल पर कम प्रगति वाले ब्लॉकों को अंतिम मौका शिशु मृत्यु की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य पोर्टल पर कम प्रगति वाले ब्लॉकों को सुधार के लिए एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि उन कमियों को चिन्हित करना है, जिनके कारण मृत्यु की स्थिति बनी। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से लेकर स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार में देरी जैसी सभी संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बीएमओ, चिकित्सक, डीपीएम, डीसीएम, बीपीएम, बीसीएम, सीएचओ, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा सुपरवाइजर, आशा कार्यकर्ता सहित संबंधित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

