home page

अनूपपुर: सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा, अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने पर लगाया लोकतंत्र की हत्या का आरोप

 | 
अनूपपुर: सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा, अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने पर लगाया लोकतंत्र की हत्या का आरोप


अनूपपुर, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जनपद अनूपपुर की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाले मतदान को प्रशासन द्वारा आगामी आदेश तक स्थगित किए जाने के विरोध में 13 जनपद सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी हैं। इस घटनाक्रम से जनपद पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। प्रस्ताव पर मतदान के लिए 10 जून की तिथि निर्धारित की गई थी और सभी सदस्य मतदान की तैयारियों में जुटे हुए थे। इसी बीच मतदान से एक दिन पहले कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में सम्मेलन को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया। मतदान स्थगित किए जाने के निर्णय से नाराज जनपद सदस्यों ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया है।

सदस्यों का कहना है कि उन्हें मतदान स्थगन की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई और इसकी जानकारी उन्हें अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई। इससे जनप्रतिनिधियों की गरिमा और अधिकारों की अनदेखी हुई है। विरोध स्वरूप बुधवार को सभी 13 सदस्य जनपद पंचायत परिसर में एकत्र हुए और सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया। सदस्यों ने कलेक्टर को संबोधित अपने इस्तीफे में कहा है कि यदि अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र मतदान नहीं कराया जाता है तो उनके त्यागपत्र स्वीकार किए जाएं।

जनपद उपाध्यक्ष तेजभान सिंह ने कहा कि सभी सदस्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान की तिथि तय होने के बाद अंतिम समय में उसे स्थगित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत की भावना का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट एवं पारदर्शी निर्णय लेना चाहिए।

सामूहिक इस्तीफा देने वाले सदस्यों में तेजभान सिंह, दुर्गावती पटेल, अराधिका पाव, बशोदा सिंह, चंद्रवती सिंह, राया सिंह, केशर चंदा, लालबहादुर सिंह मार्को, लालबहादुर साहू, रायचंद्र सिंह, जमिला पाव, रानी प्रजापति तथा केमल सिंह शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनपद अनूपपुर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस्तीफे स्वीकार होते हैं या अविश्वास प्रस्ताव पर पुनः मतदान की तिथि घोषित की जाती है, तो इसका सीधा असर जनपद पंचायत के सत्ता समीकरणों पर पड़ सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला