जबलपुर सहित 30 जिलों में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी
जबलपुर, 18 जून (हि.स.)। जबलपुर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद और भद्राचलम के आसपास स्थिर बनी हुई है। प्रदेश की दक्षिणी सीमा से इसकी दूरी अभी लगभग 350 से 400 किलोमीटर है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है, हालांकि मध्य प्रदेश में इसके प्रवेश की तिथि इसकी गति पर निर्भर करेगी।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जिले शामिल हैं।
विभाग ने इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा वज्रपात की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर आंशिक बादल छाने और हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्री-मानसूनी गतिविधियां ही प्रभावी हैं। विभिन्न मौसमी तंत्रों के कारण बादलों की पट्टी बनने से कुछ इलाकों में अधिक और कुछ में कम बारिश हो रही है। चूंकि अभी गर्मी का मौसम बना हुआ है, इसलिए जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं हो रही है वहां लू जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं वर्षा थमने के बाद उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। हालांकि जबलपुर में रोज दोपहर के बाद बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी जारी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

