सागर : मक्का खरीदी घोटाला, 76 लाख की गड़बड़ी का फरार आरोपी अतिशय जैन गिरफ्तार
सागर, 18 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी में मक्का खरीदी के नाम पर हुए लाखों रुपये के फर्जीवाड़े में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज अपलोड कर 17 किसानों के खातों में 76 लाख 31 हजार 750 रुपये का भुगतान कराने वाले फरार आरोपी अतिशय जैन को रहली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को देवरी थाने लाकर पुलिस द्वारा सघन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर 343 मीट्रिक टन मक्का खरीदी से संबंधित कागजात अपलोड किए गए थे। हालांकि, जब नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया, तो शांडिल्य वेयरहाउस में मक्का का कोई भंडारण नहीं पाया गया। कागजों पर दिखाई गई खरीदी पूरी तरह से फर्जी साबित हुई।
भारत सरकार ने वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में मक्का से इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी की व्यवस्था की थी। इसके संचालन के लिए एनसीसीएफ के दिल्ली मुख्यालय ने 'एकता कंपनी' को पोर्टल और खरीदी पार्टनर नियुक्त किया था। एकता कंपनी ने इस काम के लिए 'फूड गार्ड फार्मर प्रोसेसिंग कंपनी लिमिटेड का पंजीयन कराया था।
फूड गार्ड फार्मर प्रोसेसिंग कंपनी के डायरेक्टर मनीष पटेल ने अतिशय जैन को मक्का खरीदी की जिम्मेदारी सौंपी थी। एनसीसीएफ द्वारा 17 किसानों के खातों में कुल ₹76,31,750 की राशि ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद जब एनसीसीएफ की टीम ने सत्यापन किया, तो एग्रीमेंट में दर्ज शांडिल्य वेयरहाउस मौके पर मिला ही नहीं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के केवल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान हासिल कर लिया गया। फिलहाल पुलिस एफपीओ के डायरेक्टर मनीष पटेल और गिरफ्तार आरोपी अतिशय जैन की मिलीभगत की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस पूरे नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

