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मैहर मां शारदा मंदिर प्रबंधन में फिर लागू होगा सूचना का अधिकार

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मैहर मां शारदा मंदिर प्रबंधन में फिर लागू होगा सूचना का अधिकार


मैहर, 9 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने का रास्ता फिर खुल गया है। मंदिर समिति की ओर से जबलपुर उच्‍च न्‍यायालय में दायर याचिका वापस लिए जाने के बाद मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग का पूर्व आदेश प्रभावी हो गया है। इस आदेश में मंदिर प्रबंध समिति को सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे में माना गया था। इस घटनाक्रम को मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शुक्रवार को आनंद श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मामला मंदिर प्रबंध समिति से आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचना निर्धारित समय में उपलब्ध नहीं कराने से जुड़ा है। इस प्रकरण में मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन समिति प्रशासक स्वर्गीय धर्मेंद्र मिश्रा पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही आयोग ने मंदिर समिति को सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में माना था।

राज्य सूचना आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने जबलपुर उच्‍च न्‍यायालय में याचिका दायर की थी। समिति को इस मामले में अंतरिम स्थगन भी मिला था। इसके बाद मंदिर समिति पर सूचना का अधिकार अधिनियम लागू होने को लेकर स्थिति न्यायिक विचाराधीन हो गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की ओर से की गई न्यायिक क्वेरी के संदर्भ में समिति की तरफ से राज्य सूचना आयोग के आदेश को चुनौती देने के ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद समिति ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद याचिका वापस ले ली गई।

याचिका वापस होने के बाद राज्य सूचना आयोग के पूर्व आदेश को दी गई चुनौती समाप्त हो गई है। इसके साथ ही मंदिर प्रबंध समिति को सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में मानने वाला आदेश फिर प्रभावी हो गया है। अब नियमानुसार मंदिर समिति से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी जा सकती है।

हालांकि, सूचना उपलब्ध कराने के मामले में अधिनियम के प्रावधानों और लागू अपवादों का पालन करना होगा। यानी प्रत्येक मांगी गई जानकारी स्वतः उपलब्ध कराने की बाध्यता नहीं होगी, बल्कि उस पर कानून के प्रावधान लागू होंगे।

आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना का अधिकार किसी व्यक्ति विशेष का अधिकार नहीं, बल्कि सार्वजनिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का कानूनी माध्यम है। मां शारदा देवी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक धार्मिक संस्थान के प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था से संबंधित कानूनन उपलब्ध जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचना पारदर्शी व्यवस्था के लिए आवश्यक है।

मंदिर प्रबंध समिति से जुड़े इस मामले में याचिका वापस लिए जाने के बाद आरटीआई के जरिए जानकारी मांगने की व्यवस्था फिर प्रभावी होने से मंदिर प्रशासन के कामकाज और वित्तीय मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने का रास्ता खुला है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी