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अवैध खनन के जाल में जकड़ता मैहर, प्रशासन की कार्रवाई के बीच उठे बड़े सवाल

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अवैध खनन के जाल में जकड़ता मैहर, प्रशासन की कार्रवाई के बीच उठे बड़े सवाल


मैहर, 04 अप्रैल (हि.स.)। प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों और हरियाली के लिए पहचाना जाने वाला मध्य प्रदेश का मैहर जिला इन दिनों अवैध खनन और पत्थर सिंडिकेट के जाल में फंसता नजर आ रहा है। जिले के कई क्षेत्रों में खुलेआम चल रहे अवैध उत्खनन ने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि आम जनजीवन पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि कानून का भय कहीं दिखाई नहीं देता। रात के अंधेरे में मशीनों की आवाज और दिन में उड़ती धूल इस बात का संकेत देती है कि अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में है और जंगल तेजी से सिमटते जा रहे हैं।

जनाक्रोश बढ़ने के बाद प्रशासन हरकत में जरूर आया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कदम स्थायी समाधान साबित होंगे या महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।

इसी कड़ी में अमरपाटन क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर रानी बाटड के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 6 हाइवा वाहन पकड़े गए, जिनमें 3 ओवरलोड रेत से भरे थे, जबकि 3 बिना वैध अनुमति के परिवहन करते पाए गए।

खनिज निरीक्षक अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में सभी वाहनों को जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया और संबंधित चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई, हालांकि यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता का संकेत जरूर देती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि अवैध खनन का नेटवर्क अब भी मजबूत बना हुआ है। ओवरलोड वाहन सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, गांवों में प्रदूषण बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है।

प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक पत्थर सिंडिकेट की जड़ों पर सख्त प्रहार नहीं होता, तब तक हालात में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही नजर आती है।

इस पूरे मामले पर कलेक्टर रानी बाटड का कहना है कि जिले में वैध खनन और परिवहन करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या ये कार्रवाई मैहर को अवैध खनन के चंगुल से बाहर निकाल पाएगी, या फिर यह समस्या यूं ही बनी रहेगी?

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी