मैहर में अवैध उत्खनन और वन कटाई पर उठे सवाल, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
मैहर, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र अंतर्गत कुबरी और रझौहा गांवों के पास सोन नदी तट पर कथित अवैध रेत उत्खनन और वन भूमि पर पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सोन घड़ियाल अभयारण्य से जुड़ी शासकीय वन भूमि पर बड़े पैमाने पर उत्खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में कभी महुआ, तेंदू, सागौन और सरई जैसे वृक्षों से घना जंगल हुआ करता था, वहां अब बड़े-बड़े गड्ढे और उजड़ी हुई भूमि नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही वन कटाई और खनन गतिविधियों से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है तथा भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
क्षेत्र में लगे हाई वोल्टेज बिजली टावरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि लगातार हो रहे उत्खनन से जमीन का कटाव बढ़ रहा है, जिससे टावरों की नींव कमजोर होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और जांच के निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में डंपरों के जरिए रेत परिवहन होने की बात भी कही जा रही है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में अवैध खनन से जुड़े विवादों के दौरान कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले तथा अन्य संदिग्ध घटनाएं शामिल हैं, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कुबरी और रझौहा क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन एवं वन कटाई की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बिजली टावरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वन संपदा व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

