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मैहर रोपवे में करोड़ों की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, टिकट बिक्री और खर्चों की जांच शुरू

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मैहर रोपवे में करोड़ों की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, टिकट बिक्री और खर्चों की जांच शुरू


मैहर, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मां शारदा धाम मैहर में संचालित रोपवे सेवा को लेकर वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। मंदिर प्रबंध समिति ने रोपवे संचालन करने वाली दामोदर रोपवे कंपनी पर टिकट बिक्री के आंकड़ों में कथित हेरफेर और खर्चों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आई विसंगतियों के बाद कंपनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मंदिर समिति के अनुसार रोपवे संचालन से जुड़े दस्तावेजों और कैश कलेक्शन रिपोर्ट के परीक्षण में यात्रियों की संख्या को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुछ दिनों में यात्रियों की संख्या सामान्य से कहीं अधिक दिखाई गई है, जबकि कई तारीखों पर बेहद कम आंकड़े दर्ज किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर 30 जनवरी 2025 को 9,378 यात्रियों के सफर का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया, जबकि 9 जनवरी 2025 को यह संख्या मात्र 2,758 बताई गई। वहीं 4 अगस्त को सिर्फ 24 यात्रियों, 12 नवंबर 2023 को 1,294 यात्रियों तथा 2 अगस्त 2023 को 714 यात्रियों की जानकारी दर्ज की गई है।

समिति का कहना है कि रोपवे लगभग पूरे वर्ष नियमित रूप से संचालित होता है और श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों के आंकड़ों में इस प्रकार का असामान्य उतार-चढ़ाव गंभीर सवाल खड़े करता है। आशंका जताई जा रही है कि वास्तविक टिकट बिक्री को छिपाकर राजस्व में हेराफेरी की गई हो, जिससे मंदिर समिति को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर समिति ने वर्ष 2009 से अब तक के संचालन और आय-व्यय से जुड़े संपूर्ण अभिलेख मांगे हैं। हालांकि समिति का दावा है कि कंपनी की ओर से अभी तक पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी को लेकर औपचारिक नोटिस जारी किया गया है।

जांच के दौरान खर्चों से संबंधित कई बिंदुओं पर भी आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि कंपनी हर महीने 50 से 55 लाख रुपये तक विभिन्न मदों में खर्च दर्शा रही थी, जबकि इन व्ययों के लिए मंदिर समिति से पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई। वाहन संचालन, यात्रा व्यय, गेस्ट हाउस, कार ऋण पर ब्याज, सुरक्षा व्यवस्था और पूंजीगत खर्च जैसे मदों में राशि दर्ज कर समिति के हिस्से में कटौती किए जाने की बात सामने आई है।

मंदिर समिति ने इन खर्चों को नियमों के विपरीत बताते हुए कहा है कि रोपवे संचालन पहले से तय राजस्व साझेदारी व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। ऐसे में अतिरिक्त प्रशासनिक या निजी प्रकृति के खर्च मंदिर समिति पर नहीं डाले जा सकते।

मैहर एसडीएम एवं मंदिर समिति की प्रशासक दिव्या पटेल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिली खामियों के आधार पर दामोदर रोपवे प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

वहीं कलेक्टर एवं मंदिर समिति की अध्यक्ष बिदिशा मुखर्जी ने भी स्वीकार किया कि शुरुआती जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी को नोटिस जारी करने के साथ एस्क्रो अकाउंट खोलने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने संकेत दिए कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो मंदिर समिति को हुए संभावित आर्थिक नुकसान की भरपाई और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी