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मैहर से उसी रास्ते बांधवगढ़ की ओर लौट रहा ई-5 नर हाथी

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मैहर से उसी रास्ते बांधवगढ़ की ओर लौट रहा ई-5 नर हाथी


मैहर, 28 सितंबर (हि.स.)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर मैहर के अमरपाटन रेंज तक पहुंचे 17 वर्षीय नर हाथी ई-5 के अब वापस बांधवगढ़ की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। करीब 22 दिनों से मैहर वनमंडल की निगरानी में रह रहा ई-5 रविवार रात गोरसरी पहाड़ी से उतरकर रामनगर के शहरी क्षेत्र में पहुंच गया। यहां करीब तीन से चार घंटे तक हाथी शहर के आसपास घूमता रहा। हाथी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर सड़कों पर पहुंच गए। कई लोग उसका वीडियो बनाते और उसके पीछे दौड़ते नजर आए।

भीड़ को देखते हुए वन विभाग की टीम ने लोगों को नियंत्रित किया और हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी। इस दौरान कई बार भीड़ की गतिविधियों से नाराज होकर ई-5 लोगों की ओर बढ़ा, लेकिन वन अमले ने उसका ध्यान दूसरी ओर कर स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद हाथी बाणसागर बांध के किनारे पहुंचा और कुछ समय आराम किया।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम के अनुसार ई-5 की मौजूदा गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि वह वापस लौटने की दिशा में बढ़ रहा है। यदि हाथी इसी तरह स्वयं बांधवगढ़ की ओर आगे बढ़ता रहा तो उसके लिए अलग से रेस्क्यू अभियान चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि हाथी के दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले 23 सितंबर को गोरसरी पहाड़ी पर ई-5 के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने अभियान चलाया था। इस अभियान में छह कुमकी हाथियों सहित करीब 150 लोगों की टीम शामिल हुई थी। बारिश के कारण अभियान को रोकना पड़ा था। रविवार को मौसम साफ होने के बाद ई-5 पहाड़ी से उतरकर रामनगर के शहरी क्षेत्र में पहुंच गया।

बांधवगढ़ से आए रेस्क्यू दल और बीटीआर की टीम के अनुसार ई-5 पहले भी बांधवगढ़ से निकलकर शहडोल और अनूपपुर के जंगलों में विचरण कर चुका है। बाद में उसके आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने के साथ घरों, खेतों और मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद उसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया गया था।

शुभरंजन सेन के मार्गदर्शन में चलाए गए उस रेस्क्यू अभियान में 20 दिन से अधिक समय लगा था। अभियान के बाद ई-5 को बांधवगढ़ में छोड़ा गया था। अब दूसरी बार वह बांधवगढ़ से निकलकर काफी दूर मैहर वनमंडल के जंगलों तक पहुंच गया है।

ई-5 की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से गोरसरी क्षेत्र में 11 केवी रामनगर फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। वन विभाग की टीम ने लोगों से हाथी से दूरी बनाए रखने और उसे खदेड़ने की कोशिश नहीं करने की अपील की है।

कॉलर आईडी के माध्यम से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ई-5 की लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। लोकेशन मिलने के बाद बीटीआर की टीम के साथ पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी